एआई रणनीति पर मेटा प्रमुख ने स्वीकार की चूक

मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जकरबर्ग ने कंपनी के एआई आधारित पुनर्गठन के दौरान हुई गलतियों को स्वीकार किया है। हालिया छंटनी और संगठनात्मक बदलावों के बाद उन्होंने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि इस वर्ष और बड़े स्तर पर छंटनी की संभावना नहीं है।

एआई रणनीति पर मेटा प्रमुख ने स्वीकार की चूक

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 15 जून 2026

एआई बदलावों को लेकर मेटा प्रमुख का बड़ा बयान

फेसबुक की मूल कंपनी मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जकरबर्ग ने कंपनी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित बदलावों के दौरान हुई गलतियों को स्वीकार किया है। उन्होंने माना कि संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया उम्मीद के अनुसार सफल नहीं रही और इस दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कंपनी के भीतर जारी एक संदेश में जकरबर्ग ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि एआई आधारित भविष्य की ओर बढ़ने के प्रयासों में कुछ फैसले अपेक्षित परिणाम नहीं दे सके। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बदलती तकनीकी परिस्थितियों में आगे भी नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं।

बड़े पैमाने पर हुआ संगठनात्मक बदलाव

मेटा पिछले कुछ वर्षों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनी प्रमुख रणनीति का हिस्सा बना रही है। इसी दिशा में कंपनी ने अपने ढांचे में व्यापक बदलाव किए और कई विभागों का पुनर्गठन किया। इस प्रक्रिया के तहत हाल ही में हजारों कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गईं। कंपनी ने अपने कुल कार्यबल में लगभग दस प्रतिशत की कटौती की, जिससे करीब आठ हजार कर्मचारियों को नौकरी छोड़नी पड़ी।

हजारों कर्मचारियों को एआई परियोजनाओं में किया शामिल

जहां एक ओर बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी हुई, वहीं दूसरी ओर कंपनी ने हजारों कर्मचारियों को एआई आधारित परियोजनाओं में स्थानांतरित भी किया। रिपोर्टों के अनुसार लगभग सात हजार कर्मचारियों को नई तकनीकी परियोजनाओं और एआई विकास कार्यक्रमों में शामिल किया गया है। मेटा का उद्देश्य अपने उत्पादों और सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का व्यापक उपयोग करना है, ताकि भविष्य की डिजिटल प्रतिस्पर्धा में कंपनी मजबूत स्थिति बनाए रख सके।

अरबों डॉलर का निवेश जारी

मार्क जकरबर्ग लगातार एआई क्षेत्र में बड़े निवेश कर रहे हैं। कंपनी नई तकनीकी संरचना, उन्नत डेटा केंद्रों, अनुसंधान और विशेषज्ञ प्रतिभाओं पर अरबों डॉलर खर्च कर रही है। मेटा उन वैश्विक तकनीकी कंपनियों में शामिल है जो अपने पूरे कारोबारी मॉडल को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुरूप ढालने का प्रयास कर रही हैं। कंपनी का मानना है कि आने वाले वर्षों में एआई तकनीक इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं की दिशा तय करेगी।

एआई एजेंट्स पर बढ़ रहा फोकस

मेटा ऐसे उन्नत एआई एजेंट विकसित करने पर काम कर रही है जो कई पारंपरिक कार्यों को स्वचालित रूप से पूरा कर सकें। कंपनी का लक्ष्य है कि भविष्य में कई प्रक्रियाएं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से संचालित हों, जिससे कार्यक्षमता बढ़ाई जा सके और नई सेवाएं विकसित की जा सकें। यह बदलाव तकनीकी उद्योग में रोजगार के स्वरूप को भी प्रभावित कर सकता है और नई प्रकार की नौकरियों की मांग बढ़ा सकता है।

कर्मचारियों को दिया भरोसा

हालिया छंटनी के बाद कर्मचारियों के बीच नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। ऐसे में जकरबर्ग ने स्पष्ट किया कि कंपनी इस वर्ष और किसी बड़े स्तर की छंटनी की योजना नहीं बना रही है। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि कंपनी भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए काम कर रही है और वर्तमान में संगठन को स्थिर बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि तकनीकी उद्योग में तेजी से हो रहे बदलावों पर पूरी तरह नियंत्रण संभव नहीं होता।

तकनीकी उद्योग में तेज प्रतिस्पर्धा

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। दुनिया की प्रमुख तकनीकी कंपनियां नई एआई सेवाओं और उत्पादों के विकास में भारी निवेश कर रही हैं। ऐसे माहौल में मेटा भी अपनी रणनीति को मजबूत करने में जुटी है। जकरबर्ग का मानना है कि चुनौतियों और गलतियों के बावजूद एआई भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकों में से एक है और कंपनी इसी दिशा में आगे बढ़ती रहेगी।