गढ़वा में कथित गलत इंजेक्शन से दो मौतें, प्रशासन सख्त

झारखंड के गढ़वा जिले में कथित तौर पर गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद एक नवविवाहिता और एक बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। उपायुक्त ने संबंधित दवा दुकान बंद कराने और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।

गढ़वा में कथित गलत इंजेक्शन से दो मौतें, प्रशासन सख्त

दि राइजिंग न्यूज़ | गढ़वा | 15 जून 2026

गलत इंजेक्शन के आरोप के बाद दो मौतों से मचा हड़कंप

झारखंड के गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड में कथित तौर पर गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद एक नवविवाहिता और एक मासूम बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। परिजनों ने इलाज करने वाले कथित चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही और गलत उपचार का आरोप लगाया है। मृतकों की पहचान नवविवाहिता पूनम और बच्ची ब्यूटी कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों का कहना है कि इंजेक्शन लगाए जाने के तुरंत बाद दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी और बाद में उनकी मौत हो गई।

प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच

लगातार शिकायतें मिलने के बाद गढ़वा के उपायुक्त पीएन मिश्रा स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच की। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को विस्तृत जांच के निर्देश दिए। जांच के दौरान उपायुक्त संबंधित दवा दुकान पर भी पहुंचे और वहां की गतिविधियों का निरीक्षण किया। उन्होंने दुकान संचालक से बातचीत कर स्पष्ट निर्देश दिया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक दुकान पूरी तरह बंद रहेगी।

दवा दुकान बंद रखने के निर्देश

उपायुक्त ने कहा कि जांच पूरी होने तक संबंधित स्थल पर किसी भी प्रकार की दवा बिक्री, चिकित्सकीय सलाह या उपचार संबंधी गतिविधियां नहीं चलेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आदेशों का उल्लंघन किया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पूरे मामले की जांच ड्रग इंस्पेक्टर की निगरानी में कराई जाए और स्वास्थ्य विभाग विस्तृत रिपोर्ट तैयार करे।

परिजनों को दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा

पीएन मिश्रा ने मृतकों के परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने संबंधित थाना प्रभारी को प्राथमिकी के आधार पर तत्काल कार्रवाई करने और आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

किन इंजेक्शनों पर उठे सवाल

जानकारी के अनुसार मृतकों को मोनोसेफ 500 एमजी और जोना बैक्ट 750 एमजी नामक इंजेक्शन लगाए गए थे। आरोप है कि इन्हीं इंजेक्शनों के बाद दोनों मरीजों की हालत अचानक बिगड़ गई। हालांकि मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है और प्रशासन ने जांच रिपोर्ट आने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की बात कही है।

झोलाछाप चिकित्सकों पर लगे गंभीर आरोप

परिजनों ने कथित झोलाछाप चिकित्सक डॉ. रंजीत कुमार मेहता और डॉ. उदय नारायण शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि इन्हीं के उपचार के बाद दोनों मरीजों की मौत हुई। घटना के बाद दोनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

ग्रामीणों में भय का माहौल

लगातार दो दिनों के भीतर दो मौतों की घटनाओं के बाद कांडी प्रखंड के लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बिना पर्याप्त निगरानी और आवश्यक मानकों के चिकित्सा सेवाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों और कथित झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने की मांग की है।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

प्रशासन का कहना है कि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, दवाओं की जांच और चिकित्सकीय दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौतों के पीछे गलत इंजेक्शन, चिकित्सकीय लापरवाही या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।