इलेक्ट्रिक कार खरीदारों को बड़ी राहत

केरलम सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स में कटौती कर नए खरीदारों को बड़ी राहत दी है। नई व्यवस्था के तहत कुछ श्रेणियों की इलेक्ट्रिक कारों पर 20 हजार से 74 हजार रुपये तक की बचत संभव होगी।

इलेक्ट्रिक कार खरीदारों को बड़ी राहत

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 22 जून 2026

इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की नई पहल

देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारें भी लगातार कदम उठा रही हैं। इसी दिशा में केरलम सरकार ने अपने बजट में इलेक्ट्रिक कारों पर लगने वाले रोड टैक्स की दरों में बदलाव कर खरीदारों को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। नई कर व्यवस्था के लागू होने से इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को हजारों रुपये की बचत होगी।

15 से 20 लाख रुपये वाली कारों पर सबसे बड़ा फायदा

केरलम सरकार ने 15 लाख से 20 लाख रुपये की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स को 8 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है। यानी इस श्रेणी में टैक्स दर में 3 प्रतिशत की कमी की गई है।इसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी इलेक्ट्रिक कार की कीमत 20 लाख रुपये है, तो खरीदार को लगभग 60 हजार रुपये तक की बचत हो सकती है। यह बचत वाहन के पंजीकरण के समय मिलने वाले एकमुश्त टैक्स लाभ के रूप में होगी।

20 लाख रुपये से ऊपर की कारों पर 74 हजार तक की बचत

नई व्यवस्था के तहत 20 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली कुछ इलेक्ट्रिक कारों पर भी टैक्स में राहत दी गई है। इस कारण ग्राहकों को अधिकतम 74 हजार रुपये तक की बचत का लाभ मिल सकता है। इस कदम से प्रीमियम इलेक्ट्रिक वाहन बाजार को भी गति मिलेगी और अधिक लोग पारंपरिक ईंधन वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक कारों की ओर आकर्षित होंगे।

10 लाख रुपये तक की ईवी भी हुई सस्ती

सरकार ने 10 लाख रुपये तक की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर भी राहत प्रदान की है। इस श्रेणी में रोड टैक्स को 5 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत कर दिया गया है।दो प्रतिशत की इस कटौती के कारण खरीदारों को लगभग 20 हजार रुपये तक का लाभ मिलेगा। इससे छोटे और मध्यम बजट वाले ग्राहकों के लिए इलेक्ट्रिक कार खरीदना और अधिक आसान हो जाएगा।

10 से 15 लाख रुपये वाले वर्ग में कोई बदलाव नहीं

हालांकि सरकार ने 10 लाख से 15 लाख रुपये की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों के लिए मौजूदा टैक्स व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया है। इस श्रेणी की कारों पर पहले की तरह 5 प्रतिशत रोड टैक्स ही लागू रहेगा।

प्रमुख कंपनियों की कारों को मिलेगा फायदा

भारतीय बाजार में उपलब्ध अधिकांश लोकप्रिय इलेक्ट्रिक कारें 15 लाख से 20 लाख रुपये की कीमत श्रेणी में आती हैं। टाटा मोटर्स, एमजी मोटर और हुंडई जैसी कंपनियों के कई प्रमुख मॉडल इसी वर्ग में शामिल हैं।ऐसे में नई टैक्स व्यवस्था का लाभ बड़ी संख्या में ग्राहकों को मिलने की संभावना है। उद्योग जगत का मानना है कि इससे इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।

लग्जरी इलेक्ट्रिक कारों पर बढ़ा टैक्स

जहां एक ओर मध्यम श्रेणी की इलेक्ट्रिक कारों को राहत दी गई है, वहीं दूसरी ओर 40 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली लग्जरी इलेक्ट्रिक कारों पर टैक्स बढ़ा दिया गया है।पहले इस श्रेणी के वाहनों पर 10 प्रतिशत रोड टैक्स लगाया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका मतलब है कि 50 लाख रुपये की इलेक्ट्रिक कार खरीदने वाले ग्राहक को करीब 2.5 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे।

इसी प्रकार 70 लाख रुपये कीमत वाली कार पर यह अतिरिक्त टैक्स बोझ लगभग 3.5 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।

पर्यावरण अनुकूल वाहनों को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों के अनुसार सरकार का उद्देश्य किफायती और मध्यम श्रेणी की इलेक्ट्रिक कारों को अधिक आकर्षक बनाना है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग स्वच्छ ऊर्जा आधारित वाहनों को अपनाएं। इससे प्रदूषण कम करने और हरित परिवहन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

नई कर नीति को इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में राज्य में ईवी बाजार के विस्तार को नई गति दे सकता है।