MDA ने वापस लिया मुस्तफा मस्जिद को तोड़ने का नोटिस:हाईकोर्ट में माना-अस्पष्ट था नोटिस, फिर से नया नोटिस देने की छूट
मुरादाबाद के पाकबड़ा में TMU यूनिवर्सिटी के पास स्थिति मुस्तफा मस्जिद को प्रयागराज हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) द्वारा मस्जिद के करीब 300 वर्ग मीटर हिस्से को लेकर जारी किए गए ध्वस्तीकरण व कारण बताओ नोटिस को प्राधिकरण ने वापस ले लिया है। एमडीए के वकील द्वारा नोटिस को अस्पष्ट मानने और वापस लेने के बाद हाईकोर्ट ने मस्जिद कमेटी की याचिका का निस्तारण कर दिया है। प्राधिकरण ने 21 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास अधिनियम 1973 की धारा 14 और 15 के तहत नोटिस जारी किया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि दिल्ली रोड, टीएमयू के पास, मोहल्ला ईदगाह (पाकबड़ा) में बिना नक्शा पास कराए मस्जिद का निर्माण किया गया है, जिस पर 3 सितंबर 2026 को प्राधिकरण कार्यालय में जवाब मांगा गया था। अस्पष्ट नोटिस को एमडीए ने लिया वापस
इस नोटिस (संख्या: MUDA/1/ANI/2026/0003627) के खिलाफ मस्जिद कमेटी के जीशान अहमद फरीद ने हाईकोर्ट में रिट याचिका (संख्या: 38539/2026) दायर की थी। याचिका में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को रोकने और mda के नोटिस को रद्द करने की मांग भी शामिल थी। 28 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ के सामने एमडीए के अधिवक्ता ने स्वीकार किया कि जारी किया गया नोटिस अस्पष्ट था, इसलिए वे इसे वापस ले रहे हैं। इसके बाद कोर्ट ने याचिका को निस्तारित कर दिया। नियम के तहत नया नोटिस जारी कर सकेगा एमडीए
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद पुराने नोटिस के आधार पर मस्जिद के खिलाफ कोई ध्वस्तीकरण या अन्य दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि, कोर्ट ने मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) को यह छूट दी है कि वह स्थापित नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए मस्जिद प्रबंधन को नया और स्पष्ट नोटिस जारी कर सकता है।
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