मेरठ के उल्देपुर में शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना:सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद स्थानीय निवासी और बिल्डरों ने किया ध्वस्तीकरण का विरोध
सुप्रीम कोर्ट में 21 सितंबर को हुई सुनवाई के बाद मेरठ में आवास विकास और मेरठ विकास प्राधिकरण की कार्रवाई के विरोध में आंदोलन लगातार बढ़ता जा रहा है। अब जहां एक और शहर में प्रदर्शन कम हुए तो देहात के मुख्य और बीती सुनवाई में महत्वपूर्ण रहे उल्देपुर क्षेत्र में भी लोगों ने अपने घरों और संपत्तियों को बचाने के लिए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। शुक्रवार से शुरू हुए इस धरने में स्थानीय लोगों ने कहा कि वे अपने घरों पर बुलडोजर की कार्रवाई नहीं होने देंगे। इससे पहले मेरठ बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर ने आंदोलन को आगे बढ़ाने का ऐलान किया था। शुक्रवार को वह उल्देपुर पहुंचे और धरने पर बैठे लोगों को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने घर और व्यापार बचाने के लिए जो भी संघर्ष करना होगा, उसमें वह उनके साथ खड़े हैं। उल्देपुर के लोगों का कहना है कि उनके घर और दुकानें वर्षों से यहां हैं। निगम को जहां हाउस टैक्स भी हमने दिया है तो बिजली का बिल भी हमने विघुत विभाग को दिया है। अब आदेश के बाद कार्रवाई की आशंका के कारण स्थानीय लोगों में चिंता है। उनका कहना है कि किसी भी स्थिति में उनके आशियानों पर बुलडोजर नहीं चलने दिया जाएगा। इसी मांग को लेकर अब यहां अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया है। मेरठ में पिछले कई महीनों से सेंट्रल मार्केट और शास्त्रीनगर समेत अलग-अलग इलाकों में आवास विकास की कार्रवाई के विरोध में धरना-प्रदर्शन चल रहे थे। सुप्रीम कोर्ट में 21 सितंबर की सुनवाई के बाद आंदोलन को लेकर स्थानीय स्तर पर आगे की रणनीति बनाई जा रही है। इसी क्रम में अब उल्देपुर में नए धरने की शुरुआत हुई है। रविंद्र गुर्जर ने धरने पर पहुंचकर कहा कि लोगों के घर और व्यापार को बचाने की लड़ाई में वह उनके साथ हैं। उन्होंने आंदोलन को समर्थन देने की बात कही। उल्देपुर में शुरू हुए इस धरने के साथ मेरठ में मेडा की कार्रवाई के विरोध का आंदोलन अब नए क्षेत्र में भी पहुंच गया है।
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