मेरठ में 16,726 संपत्तियों के सर्वे पर भड़के केमिस्ट:व्यापारियों ने कहा- 40 साल पुरानी दुकानों को अब अवैध बताना कैसे उचित
मेरठ के कमला मार्केट में शुक्रवार को होलसेलर एवं रिटेलर केमिस्ट एसोसिएशन की आमसभा हुई। इसमें आवास विकास, नगर निगम, एमडीए समेत संबंधित विभागों से जुड़ी 16,726 संपत्तियों के मामले पर चर्चा हुई। व्यापारियों ने कहा कि न्यायालय के निर्देश के तहत 9 दिसंबर तक कार्रवाई की बात सामने आई है। इससे व्यापारियों में चिंता है। उनका कहना है कि मामला सिर्फ दुकानों और मकानों का नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की रोजी-रोटी और बच्चों के भविष्य से जुड़ा है। बैनामा और टैक्स देने के बाद कार्रवाई पर सवाल एसोसिएशन के अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह ने कहा कि कमला मार्केट समेत कई क्षेत्रों की संपत्तियां ऐसी सूची में शामिल हैं, जिनके नक्शे पास होने या निर्माण से जुड़े दस्तावेजों को लेकर सर्वे की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई से प्रॉपर्टी खरीदी है। उनके पास बैनामा है, वे नगर निगम को टैक्स दे रहे हैं और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी बिल भर रहे हैं। ऐसे में वर्षों बाद उनकी संपत्ति तोड़ने की कार्रवाई कैसे की जा सकती है। इंद्रपाल सिंह ने कहा कि जब इन इलाकों में निर्माण हो रहा था और शहर बस रहा था, तब आवास विकास, एमडीए और नगर निगम के अधिकारी कहां थे। यदि उस समय नियमों का पालन नहीं हुआ तो तत्कालीन अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। 'सरकार ने जिम्मेदारी निभाई होती तो व्यापारी परेशान नहीं होते' इंद्रपाल सिंह ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने वैध बैनामे के आधार पर अपनी जिंदगी की कमाई लगाकर संपत्ति खरीदी है तो उसे उजाड़ने की स्थिति में संपत्ति और कारोबार के नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के साथ अन्याय हुआ तो संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आंदोलन करेगा। जरूरत पड़ी तो बाजार बंद करने का फैसला भी लिया जा सकता है। 'सर्वे या री-सर्वे के नाम पर कार्रवाई स्वीकार नहीं' महामंत्री घनश्याम मित्तल ने कहा कि व्यापारी किसी भी सर्वे या री-सर्वे के नाम पर होने वाली कार्रवाई को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने सेंट्रल मार्केट में तोड़ी गई दुकानों और मकानों का जिक्र करते हुए प्रभावित लोगों को दिए जाने वाले मुआवजे पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि न्यायालय का आदेश अपनी जगह है, लेकिन सरकार की भी जिम्मेदारी है। अगर सरकार व्यापारियों को राहत देना चाहती है तो केवल आश्वासन देने के बजाय ठोस आर्थिक सहायता देनी चाहिए। घनश्याम मित्तल ने कहा कि बाजार में कार्रवाई के लिए आने वाले अधिकारियों का व्यापारी विरोध करेंगे। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी पूछा कि एमडीए और आवास विकास की कार्रवाई से प्रभावित व्यापारियों से उन्होंने मुलाकात कर उनकी समस्याएं क्यों नहीं सुनीं। उन्होंने कहा कि दवाइयों का कारोबार जीवन रक्षक सेवाओं से जुड़ा है। अगर हालात बिगड़े तो व्यापारी बड़े स्तर पर विरोध करने के लिए मजबूर होंगे। बैठक में ये व्यापारी रहे मौजूद बैठक में कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल, संगठन प्रभारी अरुण त्यागी, सुशील कुमार गर्ग, राहुल जैन, विकास मित्तल, गगन गुप्ता, लोकेश ठाकुर, सचिन गुप्ता, प्रवीण दुआ, राजेश कुमार, सौरभ जैन और दिनेश गोयल समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
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