महोबा में किसान ने फांसी लगाकर जान दी:2 लाख के कर्ज और फसल खराब होने से था परेशान

Sep 29, 2026 - 18:46
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महोबा में किसान ने फांसी लगाकर जान दी:2 लाख के कर्ज और फसल खराब होने से था परेशान
महोबा में सोमवार रात करीब 8 बजे 35 साल के किसान पप्पू कुशवाहा ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों के मुताबिक, पप्पू 2 लाख रुपये के कर्ज, फसल खराब होने और पत्नी की बीमारी से परेशान था। उसके परिवार में पत्नी गोमती और तीन बेटियां दिव्यांशी (10), दीप्ति (8) और दीपिका (4) हैं। मामला चरखारी कोतवाली क्षेत्र के गुढ़ा गांव का है। डेढ़ बीघा जमीन, 17 बीघा बटाई पर लेकर करता था खेती पप्पू के पास करीब डेढ़ बीघा जमीन थी। इसके अलावा उसने 17 बीघा जमीन बटाई पर लेकर खेती की थी। परिवार को इस बार अच्छी फसल की उम्मीद थी, लेकिन तेज बारिश के कारण खेत में खड़ी फसल खराब हो गई। इससे परिवार की आर्थिक परेशानी और बढ़ गई। पत्नी की बीमारी के इलाज के लिए लिया था कर्ज परिजनों के मुताबिक, पप्पू की पत्नी गोमती करीब एक साल से बीमार चल रही थी। उसके इलाज और परिवार का खर्च चलाने के लिए उसने साहूकारों से करीब 2 लाख रुपये कर्ज लिया था। खेती में नुकसान के बाद कर्ज चुकाने की चिंता और तीन बेटियों की जिम्मेदारी भी उसके सामने थी। खेत से लौटने के बाद घर में लगाया फंदा बताया गया कि सोमवार शाम पप्पू बर्बाद हुई फसल देखकर खेत से घर लौटा था। इसके बाद उसने घर की चौखट पर तौलिये का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। एक बच्ची ने पिता को फंदे पर लटका देखा, जिसके बाद परिवार और ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई। मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया गया घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पक्का मकान और बच्चियों के पालन-पोषण की मांग पप्पू की मौत के बाद परिवार के सामने पत्नी और तीन बेटियों के पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन से परिवार को पक्का मकान देने और तीनों बच्चियों के पालन-पोषण के लिए आर्थिक मदद दिलाने की मांग की है।

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