मिनी औद्योगिक आस्थान की जमीन को लेकर उद्यमियों का प्रदर्शन:उन्नाव में DM से कई बार शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने का दावा

Oct 09, 2026 - 13:04
0
मिनी औद्योगिक आस्थान की जमीन को लेकर उद्यमियों का प्रदर्शन:उन्नाव में DM से कई बार शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने का दावा
उन्नाव के सफीपुर कस्बे स्थित मिनी औद्योगिक आस्थान की जमीन को लेकर शुक्रवार को सैकड़ा से अधिक उद्यमियों ने प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया। उद्यमियों ने उद्योग विभाग की भूमि और संपत्ति में अनधिकृत हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में प्रभावित उद्यमियों ने जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त को सामूहिक प्रार्थना-पत्र भी दिया है। उद्यमियों का आरोप है कि उन्हें उद्योग केंद्र की ओर से व्यवसाय के लिए भूखंड आवंटित किए गए थे। नियमानुसार रजिस्ट्री कराने के बाद उन्होंने जमीन की कीमत बैंक के माध्यम से जमा की और अपने उद्योग स्थापित किए। अनूप गौड़ ने बताया कि उनके भूखंड की रजिस्ट्री करीब 12 वर्ष पहले हुई थी और करीब आठ वर्ष से वह वहां मकान व उद्योग का संचालन कर रहे हैं। उनका कहना है कि इतने वर्षों तक किसी ने जमीन को लेकर आपत्ति नहीं की। उद्यमियों का आरोप है कि करीब एक माह से विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई है। नोटिस भेजकर जमीन खाली करने का दबाव सफीपुर चेयरमैन के पति सौरभ बाजपेयी की ओर से कथित तौर पर उद्यमियों को नोटिस भेजकर जमीन खाली करने का दबाव बनाया गया। उद्यमियों का कहना है कि जब जमीन उद्योग विभाग ने आवंटित की है और उसकी रजिस्ट्री भी विभागीय प्रक्रिया के तहत हुई है तो निजी स्तर पर किसी व्यक्ति द्वारा जमीन पर दावा या निर्माण रोकने का अधिकार नहीं है। बाउंड्री बना दिए जाने से आवागमन प्रभावित प्रार्थना-पत्र में गाटा संख्या 1038 की पैमाइश और सीमांकन कराने की मांग की गई है। उद्यमियों का आरोप है कि सड़क के बीच गेट और बाउंड्री बना दिए जाने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा आस्थान की चारदीवारी तोड़े जाने, सरकारी जेसीबी व ट्रैक्टर समेत अन्य संसाधनों के कथित इस्तेमाल और बिना अनुमति कैमरे लगाए जाने की भी जांच की मांग की गई है। उद्यमियों ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट के अधिवक्ता के माध्यम से ‘रिमाइंडर एंड फाइनल नोटिस’ भेजकर परिसर खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है। चेयरमैन प्रतिनिधि से इस सम्बंध में फोन से प्रयास किया गया लेकिन फोन रिसीव नही हुआ। मुख्यमंत्री ऑनलाइन पोर्टल पर भी शिकायत उनका कहना है कि मामले की शिकायत उद्योग विभाग और डीएम से कई बार की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ऑनलाइन पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई। तहसील स्तर से संबंधित दस्तावेज मांगे जाने पर उद्यमियों ने अपनी-अपनी रजिस्ट्री और बयान भी उपलब्ध कराए, लेकिन अभी तक कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है। वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग उद्यमियों ने राजस्व, उद्योग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम से मौके की जांच, सीमांकन कराने और वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User