मिर्जापुर के बूढ़ेनाथ मंदिर में आधीरात को हुआ निशा पूजन:महंत डॉ. योगानंद गिरी ने विधि-विधान से पूजन कर जगत के कल्याण की कामना की
मिर्जापुर। शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि पर रविवार को नगर के बूढ़ेनाथ मंदिर में आधीरात को मां विंध्यवासिनी का भव्य श्रृंगार कर विधि-विधान से निशा पूजन किया गया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर मां के जयकारों से गूंज उठा। मां के मनोहारी स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा। भक्तों ने मां के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में खुशहाली की कामना की। जूना अखाड़ा के महंत डॉ. योगानंद गिरी ने वैदिक परंपराओं के अनुसार मां विंध्यवासिनी का पूजन-अर्चन किया। उन्होंने जगत जननी मां से संपूर्ण विश्व के कल्याण, सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। मां के दिव्य स्वरूप का भव्य श्रृंगार सुधानंद महाराज ने किया। आकर्षक वस्त्रों और आभूषणों से सुसज्जित मां का स्वरूप भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूजन-अर्चन के दौरान वैदिक एवं पौराणिक मंत्रों का विधिवत उच्चारण किया गया। आचार्य नितिन अवस्थी ने मंत्रोच्चार के साथ पूजन और हवन संपन्न कराया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते हुए अपनी श्रद्धा और भक्ति प्रकट करते रहे। नवरात्र की अष्टमी तिथि को मां दुर्गा की आराधना में विशेष महत्व दिया जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालु शक्ति स्वरूपा मां की उपासना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। बूढ़ेनाथ मंदिर में आयोजित निशा पूजन में भी श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव से भाग लिया। भक्तों ने मां से सभी पर अपनी कृपा बनाए रखने और जीवन की बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना की। इस दौरान मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और मां विंध्यवासिनी के जयकारों के बीच धार्मिक अनुष्ठान किया गया।
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