MLA पास लगी स्कॉर्पियो थाने पहुंची तो भड़के भाजपा विधायक:अलीगढ़ में पुलिस ने संदेह पर रोकी गाड़ी, कोतवाल बोले सीज कर दी;MLA बोले- बाकी तीन गाड़ियां भी भेज दूं क्या? SPCITY ने छुड़वाई
अलीगढ़ में भाजपा विधायक की गाड़ी रोककर थाने भेजने और उसे सीज करने की बात कहे जाने पर विवाद हो गया। छर्रा विधायक रवींद्र पाल सिंह की MLA पास लगी स्कॉर्पियो बुधवार शाम बन्नादेवी क्षेत्र के सारसौल में खड़ी थी। शाम करीब 7:30 बजे पैदल गश्त कर रहे एसपी सिटी आदित्य बंसल और सीओ द्वितीय धनंजय सिंह की नजर गाड़ी पर पड़ी। गाड़ी पर विधायक लिखा था और विधानसभा का पास लगा था। पुलिस ने पास के दुरुपयोग की आशंका में गाड़ी की जांच की और ड्राइवर समेत थाने भेज दिया।
गाड़ी में मौजूद लोगों ने इसकी जानकारी विधायक को दी। विधायक ने इंस्पेक्टर को फोन कर गाड़ी अपनी होने और पास वैध होने की बात बताई। विधायक का आरोप है कि इंस्पेक्टर ने उन्हें गाड़ी सीज करने की जानकारी दी। इस पर वह भड़क गए और बोले कि उनकी बाकी तीन गाड़ियां भी हैं, उन्हें भी भेज देते हैं, उन पर भी कार्रवाई कर दी जाए। बाद में विधायक ने एसपी सिटी से बात की। पुलिस के मुताबिक, गाड़ी और पास का सत्यापन सही पाए जाने के बाद उसे छोड़ दिया गया।
पहले गाड़ी रोकी, फिर थाने भेजा; फोन पर विधायक ने जताई नाराजगी
घटनाक्रम बुधवार शाम का है। सारसौल में खड़ी स्कॉर्पियो पर विधायक लिखा देखकर पुलिस अधिकारियों ने जांच शुरू की। पुलिस को आशंका थी कि कहीं विधानसभा के पास का गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा है। इसी आधार पर गाड़ी को ड्राइवर समेत बन्नादेवी थाने भिजवा दिया गया।
उस समय गाड़ी में ड्राइवर के अलावा एक रिश्तेदार व एक अन्य परिचित सवार थे। मौजूद रिश्तेदारों ने विधायक रवींद्र पाल सिंह को जानकारी दी। विधायक ने इंस्पेक्टर को फोन कर बताया कि स्कॉर्पियो उनकी निजी गाड़ी है और परिवार के रिश्तेदार उसे लेकर गए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने पास के वैध होने की बात भी स्पष्ट की, लेकिन इंस्पेक्टर ने गाड़ी सीज करने की जानकारी दी। इसी बात पर विधायक ने नाराजगी जताई।
विधायक ने इसके बाद एसपी सिटी आदित्य बंसल को फोन मिलाया और पूरे मामले से अवगत कराया। एसपी सिटी के मुताबिक, गाड़ी का सत्यापन कराया गया। जब स्पष्ट हो गया कि गाड़ी विधायक की है और पास भी सही है, तो उसे छोड़ दिया गया।
विधायक का सवाल- जब चारों गाड़ियों का ब्योरा दिया तो कार्रवाई क्यों?
विधायक रवींद्र पाल सिंह ने कहा कि उनके पास चार निजी गाड़ियां हैं। सभी पर विधानसभा से जारी पास लगे हैं और जिला प्रशासन पर इनका ब्योरा पहले ही है। इसके बावजूद उनकी गाड़ी को रोककर थाने भेजा गया और सीज करने की बात कही गई। विधायक के मुताबिक, गाड़ी उनका ड्राइवर, परिवार का एक सदस्य और बेटे का साला किसी काम से लेकर गए थे। उन्होंने पुलिस को गाड़ी के बारे में जानकारी दे दी थी। इसके बाद भी सीज करने की बात कहे जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई। विधायक ने इस पूरे मामले को दशा की बैठक में उठाने की बात कही है।
एसपी सिटी का पक्ष- सामान्य चेकिंग में जांच की, सत्यापित होने पर छोड़ा
एसपी सिटी आदित्य बंसल ने बताया कि पुलिस टीम बन्नादेवी क्षेत्र में पैदल गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो खड़ी मिली, जिस पर विधायक लिखा था और पास लगा हुआ था। ऐसे में यह जांच करना जरूरी था कि कहीं पास का दुरुपयोग तो नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से गाड़ी को सत्यापन के लिए थाने लाया गया था। जांच में गाड़ी विधायक रवींद्र पाल सिंह की निकली और पास भी सही पाया गया। इसके बाद गाड़ी को छोड़ दिया गया।
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