MLC चुनाव के लिए 15 केंद्रों पर मतदान आज:मथुरा में 17363 मतदाता करेंगे मतदान, DM बोले- वोट आपकी ताकत
मथुरा में उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक चुनाव के लिए आज मतदान होगा। जिले में 15 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां 17,363 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। शांतिपूर्ण मतदान के लिए 7 जोनल और 17 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 41 माइक्रो ऑब्जर्वर भी लगाए गए हैं। मथुरा शहर में 3, वृंदावन में 1 और देहात क्षेत्र में 11 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 19-19 मतदेय स्थल निर्धारित किए गए हैं। अधिकारियों की मौजूदगी में रवाना हुईं पोलिंग पार्टियां एमएलसी चुनाव के लिए मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार की मौजूदगी में पोलिंग पार्टियों को रवाना किया गया। मतदान कर्मियों को मतपेटियां और जरूरी चुनाव सामग्री उपलब्ध कराई गई। इसके बाद सभी पोलिंग पार्टियां अपने निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना हो गईं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 6,694 मतदाता 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित मतदाता सूची के अनुसार, खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 6,694 मतदाता हैं। इनमें 4,315 पुरुष और 2,379 महिला मतदाता शामिल हैं। वहीं, खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 10,669 मतदाता हैं। इनमें 7,175 पुरुष और 3,494 महिला मतदाता हैं। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों को मिलाकर जिले में कुल 17,363 मतदाता मतदान करेंगे। DM ने की ज्यादा से ज्यादा मतदान की अपील जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने सभी स्नातक और शिक्षक मतदाताओं से मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में सक्रिय भागीदारी निभाएं और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में योगदान दें। उन्होंने कहा, “आपका वोट, आपकी ताकत है।” डीएम ने मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की। वोट डालने के लिए पहचान पत्र जरूरी जिलाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, मतदान के दौरान प्रतिरूपण यानी किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर वोट डालने से रोकने के लिए पहचान पत्र दिखाना जरूरी होगा। जिन मतदाताओं को मतदाता फोटो पहचान पत्र जारी किया गया है, उन्हें मतदान से पहले इसे प्रस्तुत करना होगा। यदि कोई मतदाता अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाता है, तो वह अपनी पहचान साबित करने के लिए आयोग द्वारा निर्धारित वैकल्पिक दस्तावेजों में से कोई एक दिखा सकता है। इनमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, सरकारी या निजी औद्योगिक प्रतिष्ठानों की ओर से कर्मचारियों को जारी सेवा पहचान पत्र, सांसदों-विधायकों और पार्षदों को जारी सरकारी पहचान पत्र शामिल हैं। इसके अलावा संबंधित शिक्षक या स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता को शैक्षिक संस्थान की ओर से जारी सेवा पहचान पत्र, विश्वविद्यालय की डिग्री या डिप्लोमा का मूल प्रमाण पत्र, सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड भी वैकल्पिक दस्तावेज के रूप में मान्य होंगे।
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