गोरखपुर में बिजली विभाग के 5 कर्मियों पर FIR:विसर्जन में करंट से मरे 3 भाई, साथ जली तीनों की चिताएं, चीख उठा परिवार
गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाईटेंशन करंट की चपेट में आने से तीन भाइयों की मौत हो गई थी। इस मामले में मृतक चंदन के भाई दिनेश चौहान की तहरीर पर बिजली विभाग के एसएसओ सुनील मौर्या, अवर अभियंता (जेई) निकेतन गुप्ता और संविदा लाइनमैन अजय मौर्या, बृजेश कुमार व गंगा निषाद के खिलाफ गुरुवार शाम गुलरिहा थाने में एफआईआर दर्ज किया गया है। पुलिस ने सुनील मौर्या और रामकेश को हिरासत में लिया है। प्रतिमा विसर्जन के दौरान करंट से जान गंवाने वाले विक्की, लक्की और चंदन का गुरुवार शाम एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। गुलरिहा के कोल्हुआं घाट पर तीनों की एक साथ चिताएं जलीं तो परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। तीनों के शवों का बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शाम करीब 4 बजे शव गांव पहुंचाए गए। घाट पर सैकड़ों लोग जुटे। भीड़ को देखते हुए कई थानों की पुलिस और अधिकारी भी मौजूद रहे। हादसे में तीन लोगों की मौत हुई, जबकि बीट सिपाही समेत 9 लोग करंट से झुलस गए। प्रशासन ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है, जो 3 दिन में रिपोर्ट देगी। भाई ने तहरीर देकर लगाया आरोप दिनेश ने तहरीर देकर बताया कि बुधवार शाम करीब 4:30 बजे गांव के लोग दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रहे थे। उनके छोटे भाई चंदन (16), भतीजे लक्की (20) और विक्की (18) भी जुलूस में शामिल थे। विसर्जन के दौरान बिजली आपूर्ति बंद रखने के लिए विभाग को पहले ही सूचना दी गई थी। आरोप है कि प्रतिमा रजई चौराहे पर पहुंची तो ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की आपूर्ति चालू कर दी गई। इससे चंदन, लक्की और विक्की, विरेंद्र विश्वकर्मा, शिवानी चौहान, प्रियांशु, नंदनी, मोनू, शांतनू, अनिल भारती, सत्यवान चौहान, रामदास की पत्नी पुष्पा, अनिल, अंशिका, अंशू व ड्यूटी पर तैनात दो सिपाही सलमान और धनंजय पांडेय करंट की चपेट में आकर झुलस गए थे। हादसे में चंदन, लक्की और विक्की की मौत हो गई थी। मृतक के भाई ने आरोप लगाया है कि बिजली विभाग के कर्मियों ने जानबूझकर और सुनियोजित तरीके से आपूर्ति चालू कर तीनों की जान ली। दो बेटों की मौत से टूटा परिवार विक्की और लक्की तीन भाइयों में शामिल थे। उनके बड़े भाई का नाम जैकी है। मां सीमा और पिता शिवचंद्र हैं। शिवचंद्र हैदराबाद में निजी नौकरी करते हैं। परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए घर से दूर रहकर मेहनत कर रहे पिता को क्या पता था कि उनके दो बेटों की एक साथ मौत हो जाएगी। दोनों बेटों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां सीमा का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में बच्चों की मौजूदगी से रौनक रहती थी, वहां अब मातम पसरा है। चंदन चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसके परिवार में भाई दिनेश, बहनें नीतू और मीरा, मां जयंती देवी और पिता केदारनाथ हैं। केदारनाथ मजदूरी करते हैं और भाजपा के बूथ अध्यक्ष भी हैं। चंदन भी पिता के साथ मजदूरी कर परिवार की जिम्मेदारी में हाथ बंटाता था। परिवार में चंदन की बहन की शादी के लिए रिश्ता देखा जा रहा था। घर में शादी को लेकर उम्मीदें थीं, लेकिन हादसे ने सब कुछ बदल दिया। जिस बेटे के साथ पिता मजदूरी करने जाते थे, अब उसकी यादें ही रह गई हैं। हादसे में 9 लोग झुलसे, तीन दिन में आएगी जांच रिपोर्ट हादसे में अंशिका, शिवानी, प्रियांशु, मोनू चौहान, धीरेंद्र विश्वकर्मा, पुष्पा देवी, शिवांगी चौहान, शांतनु चौहान और बीट सिपाही धनंजय पांडेय करंट से झुलस गए। सभी को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। जिलाधिकारी ने हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। इसमें अपर जिलाधिकारी (नगर), अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) और अधीक्षण अभियंता विद्युत ग्रामीण शामिल हैं। कमेटी को तीन दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। मृतकों के परिवारों ने मांगा एक-एक करोड़ मुआवजा हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से हुई तीन मौतों के बाद परिजनों ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखी हैं। चंदन के पिता केदार चौहान की ओर से दिए गए मांगपत्र में विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। परिजनों ने प्रत्येक मृतक के परिवार को एक-एक करोड़ रुपए मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और घायलों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उन्होंने मदरहवा हाइडिल से जुड़े बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित करने और उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग भी की है। इसके अलावा विसर्जन में तैनात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ भी हत्या का मुकदमा दर्ज करने और घायलों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 50-50 लाख रुपए देने की मांग की गई है। अब जानिए पूरा मामला… गोरखपुर में बुधवार की शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 3 भाइयों की मौत हो गई। मरने वालों में 2 सगे और एक उनका मौसेरा भाई है। हादसे में 9 लोग झुलस भी गए। सभी ट्रैक्टर-ट्रॉली से प्रतिमा विसर्जन करने जा रहे थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को मेडिकल कॉलेज भेजा। वहीं, हादसे से गुस्साए लोगों ने मेडिकल कॉलेज के बाहर हंगामा कर दिया। इससे 1 किमी लंबा जाम लग गया। मेडिकल कॉलेज के आसपास 50 से ज्यादा दुकानें बंद कर दुकानदार भाग गए। हंगामा बढ़ता देख मौके पर 2 बटालियन पीएसी पहुंची। जेई और दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं, लाइनमैन को नौकरी से हटा दिया गया। तब जाकर करीब 3 घंटे बाद शाम 7:40 बजे पर जाम खोला गया। हादसा गुलरिहा थाना क्षेत्र में बुधवार शाम 5 बजे हुआ। तस्वीरें देखिए… डीजे की रेलिंग हाईटेंशन तार से टकराई, 3 की मौत जंगल अयोध्या प्रसाद गांव के चौहान टोला में दुर्गा प्रतिमा स्थापित की गई थी। बुधवार शाम 5 ग्रामीण प्रतिमा लेकर विसर्जन के लिए कोलुहा घाट जा रहे थे। शाम करीब 4:30 बजे जुलूस रजही चौराहे पर रामानंद के दरवाजे के पास पहुंचा। इसी दौरान डीजे के ऊपर बनी लोहे की रेलिंग ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार से टच हो गई। डीजे के पास मौजूद चंदन (21), विक्की (18) और लक्की (17) समेत 12 लोग करंट की चपेट में आ गए। आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद चंदन, विक्की और लकी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, पुष्पा देवी, नंदिनी, धीरेंद्र, मोनू, अंशिका चौहान, शनि चौहान, प्रियांशु, शिवानी और शांतनु का इलाज चल रहा है। बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप हादसे के बाद गांववालों में बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोश फैल गया। उनका आरोप है कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान बिजली आपूर्ति बंद रखने के लिए पहले ही शटडाउन मांगा गया था। इसके बावजूद बिजली चालू कर दी गई, जिससे हादसा हुआ। आक्रोशित गांववालों ने शाम करीब 6 बजे बीआरडी मेडिकल कॉलेज के गेट के सामने गोरखपुर-महराजगंज फोरलेन पर जाम लगा दिया। इससे सड़क पर गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई। सूचना पर जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ भी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। जेई सस्पेंड और 2 पुलिसकर्मी स्पस्पेंड, लाइन मैन टर्मिनेट डीएम दीपक मीणा ने बताया कि 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई, 9 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर है। घरवालों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजा देने की मांग की थी। जेई और 2 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। वहीं, लाइनमैन को नौकरी से हटा दिया गया है।
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