मन की बात में गूंजा प्रतापगढ़ का आंवला:पीएम मोदी ने 100 प्रसंस्करण इकाइयों और महिलाओं के रोजगार का किया जिक्र

Sep 27, 2026 - 14:29
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मन की बात में गूंजा प्रतापगढ़ का आंवला:पीएम मोदी ने 100 प्रसंस्करण इकाइयों और महिलाओं के रोजगार का किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में प्रतापगढ़ के आंवले का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ और आंवले का रिश्ता पुराना है, लेकिन अब यह पारंपरिक पहचान किसानों और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों से जुड़ रही है। पीएम ने आंवला प्रसंस्करण से जुड़ी करीब 100 इकाइयों और देवगढ़ कमासी गांव के सावित्री फुले स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का उदाहरण दिया। समूह की महिलाएं आंवले से कैंडी, मुरब्बा और जूस तैयार कर रही हैं। पीएम के इस उल्लेख के बाद जिले में आंवला उत्पादन और इससे जुड़े कारोबार को लेकर चर्चा शुरू हो गई। पीएम मोदी ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना के जरिए स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने की बात कही। उन्होंने बताया कि प्रतापगढ़ में आंवला प्रसंस्करण की करीब 100 इकाइयां काम कर रही हैं। इनसे किसानों को अपने उत्पाद के लिए बाजार और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। देवगढ़ कमासी की महिलाओं का उदाहरण दिया प्रधानमंत्री ने देवगढ़ कमासी गांव के सावित्री फुले स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का उल्लेख किया। महिलाएं आंवले से कैंडी, मुरब्बा और जूस बना रही हैं। पीएम ने इसे स्थानीय उत्पादन और महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने के उदाहरण के तौर पर बताया। विधायक बोले- जिले के पारंपरिक उत्पाद को राष्ट्रीय पहचान मिली सदर विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य ने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ओडीओपी जैसी योजनाओं से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ में प्रतापगढ़ के आंवले का उल्लेख जिले के किसानों, स्वयं सहायता समूहों और आंवला कारोबार से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। पीएम विश्वकर्मा और युवा स्वरोजगार योजना का भी जिक्र विधायक ने पीएम विश्वकर्मा और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रशिक्षण, ऋण और कौशल विकास के जरिए ग्रामीण कारीगरों, युवाओं और छोटे उद्यमियों को अवसर देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ‘मन की बात’ में आंवले का उल्लेख होने से जिले के इस पारंपरिक उत्पाद को व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद जताई गई।

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