मऊ में सरयू का जलस्तर 35 सेमी घटा:खतरा बिंदु से 10 सेमी नीचे पहुंचा पानी; सड़कें अब भी जलमग्न
मऊ में सरयू नदी के जलस्तर में 24 घंटे के भीतर 35 सेमी की कमी आई है। रविवार को जलस्तर घटकर 69.80 मीटर पर पहुंच गया, जो खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 10 सेमी नीचे है। जलस्तर घटने से लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन बाढ़ प्रभावित करीब आधा दर्जन गांवों में मुश्किलें अब भी बनी हुई हैं। सड़कों पर पानी भरा होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। सरयू नदी का जलस्तर शनिवार शाम चार बजे 70.15 मीटर था, जो रविवार को घटकर 69.80 मीटर हो गया। जलस्तर कम होने के साथ ही अंवराडांड़ से लेकर दोहरीघाट स्थित मुक्तिधाम तक कटान का खतरा बढ़ गया है। नदी का दबाव अभी भी रिंग बंधों पर बना हुआ है। अगर जलस्तर और नीचे गया तो सरहरा और परमहंस बाबा कुटी के सामने कटान शुरू होने की आशंका है। हालांकि, फिलहाल इन स्थानों पर कटान शुरू नहीं हुआ है।
तटवर्ती पतनई, गौरीडीह, सरहरा, बेलौली सोनबरसा समेत दोहरीघाट कस्बे से बाढ़ का पानी उतरने लगा है। इसके बावजूद पतनई, गौरीडीह और बहादुरपुर गांव की सड़कें अभी भी जलमग्न हैं। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। वहीं तटवर्ती क्षेत्रों में सैकड़ों एकड़ फसल अब भी बाढ़ के पानी में डूबी हुई है। फसल बर्बाद होने की आशंका से किसान परेशान हैं। नगर पंचायत की टीम बाढ़ प्रभावित तीन मोहल्लों में संक्रमण से बचाव के लिए ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कर रही है। लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील भी की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी हर साल नया संकट खड़ा करती है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया। बाढ़ के कारण पशुओं के चारे की समस्या भी बढ़ रही है। खेतों में पानी भरने से हरे चारे की व्यवस्था प्रभावित हुई है। ग्रामीणों को अब परिवार के साथ पशुओं की चिंता भी सताने लगी है।
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