मुजफ्फरनगर में BSA को गिरफ्तार नहीं करने पर कोर्ट सख्त:CO से 16 अक्टूबर तक जवाब मांगा, महिला से मारपीट-धमकी के 6 साल पुराने मामले में पेश नहीं हुए

Oct 12, 2026 - 22:28
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मुजफ्फरनगर में BSA को गिरफ्तार नहीं करने पर कोर्ट सख्त:CO से 16 अक्टूबर तक जवाब मांगा, महिला से मारपीट-धमकी के 6 साल पुराने मामले में पेश नहीं हुए
मुजफ्फरनगर में महिला से मारपीट और धमकी के छह साल पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) संदीप कुमार को गिरफ्तार कर पेश नहीं करने पर सीओ सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा से 16 अक्टूबर तक स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने नोटिस की तामील की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें केवल औपचारिकता की गई। कोर्ट ने टिप्पणी की कि कानून का इस्तेमाल आम और खास व्यक्ति के लिए अलग-अलग नहीं हो सकता। BSA के पेश नहीं होने पर जारी हुआ था गैर जमानती वारंट न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने BSA संदीप कुमार को 8 अक्टूबर को अदालत में पेश होने का आदेश दिया था। निर्धारित तारीख पर पेश नहीं होने के कारण उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया। इसके बाद 12 अक्टूबर को अदालत ने सीओ सिटी को निर्देश दिया था कि वह BSA को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करें। सोमवार को भी BSA को गिरफ्तार कर पेश नहीं किए जाने का मामला सामने आने पर अदालत ने सीओ से जवाब तलब किया। कोर्ट बोला- कानून के सामने सभी समान अदालत ने सीओ सिटी से स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा कि नोटिस की तामील में औपचारिकता की गई है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि संबंधित अधिकारी के आचरण से ऐसा प्रतीत होता है, मानो आम और खास व्यक्ति के लिए कानून अलग-अलग हो। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि देश में विधि का शासन है और कानून के सामने सभी समान हैं। न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। BSA खुद कोर्ट पहुंचे, गैर जमानती वारंट रद्द सोमवार को BSA संदीप कुमार संबंधित स्कूल का स्थानांतरण प्रमाणपत्र (TC) और गवाही से जुड़े दस्तावेज लेकर अदालत में पेश हुए। मामला एक किशोर की उम्र निर्धारित करने से जुड़ा है, जिसमें TC और BSA की गवाही जरूरी थी। अदालत ने BSA को न्यायिक हिरासत में लिया और उनके खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट निरस्त करने की अर्जी स्वीकार कर ली। 16 अक्टूबर तक देना होगा जवाब अदालत ने सीओ सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा से पूछा है कि गैर जमानती वारंट जारी होने के बावजूद BSA को गिरफ्तार कर न्यायालय में क्यों पेश नहीं किया गया। उन्हें 16 अक्टूबर तक स्पष्टीकरण देना है। अब मामले में सीओ के जवाब और न्यायालय के अगले आदेश पर नजर रहेगी।

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