नाना पाटेकर के निधन पर भावुक हुए राज बब्बर:बोले- उनका जाना मेरी व्यक्तिगत क्षति, बेहतरीन कलाकर-दोस्त खो दिया
अभिनेता और आगरा के पूर्व सांसद राजबब्बर गुरुवार को जनकपुरी के कार्यक्रम में आए। इस दौरान वो अपने सह-अभिनेता और मित्र नाना पाटेकर के निधन की चर्चा पर भावुक हो गए। उन्होंने कहाकि नाना का जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति और दुख है। मैंने एक बेहतरीन कलाकार, साथी और मित्र खो दिया। नाना के साथ अपने जुड़ाव को याद करते हुए अभिनेता राजबब्बर ने बताया कि वर्ष 1982 में नाना ने आर्ट फिल्म से शुरुआत की थी और तभी से हमारा संपर्क हुआ। बाद में हम दोनों ने अंधा युद्ध, आज की आवाज और आवाम फिल्मों में काम किया। नाना मेरे करीबी मित्र भी थे
नाना बेहतरीन अभिनेता के साथ मेरे करीबी मित्र भी थे। उनके साथ काम करने से बेहतर करने की ऊर्जा मिलती थी। नाना की अभिनय शैली और सादे व प्रभावी व्यक्तित्व पर कहा कि सीन में नाना बहुत स्पेस लेते थे और दर्शकों का ध्यान उन्हीं पर रहता था। इस बात पर हम दोनों के बीच नोकझोंक होती भी थी, लेकिन रिश्ते हमेशा आत्मीय बने रहे। नाना के जीवन के उतार-चढ़ाव की छाप उनके अभिनय में दिखती थी। उनका स्वभाव सरल तथा सामाजिक था। नाना अस्पतालों में जाकर चुपचाप लोगों और मरीजों की मदद करते थे। उनके निधन की खबर पर विश्वास नहीं हो रहा कि इतने अनुशासित व्यक्ति को भी हार्ट अटैक आ सकता है। नाना का जाना फिल्म जगत के साथ मेरी व्यक्तिगत क्षति है। ‘परिंदा’ में विलेन बने, 3 नेशनल अवॉर्ड
नाना पाटेकर ने 100 से ज्यादा फिल्में कीं। 1989 की फिल्म ‘परिंदा’ में नाना ने अन्ना का किरदार निभाया, जिसके लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। 1994 की ‘क्रांतिवीर’ के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला। 1996 की ‘अग्निसाक्षी’ के लिए भी उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला। इस तरह उन्हें करियर में 3 नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिले। भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए नाना पाटेकर को 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। अपने लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने हिंदी के साथ मराठी फिल्मों में भी काम किया। रात 2:30 बजे नाना ने दोस्त को मैसेज किया था
डॉ. शेखर ने बताया कि रात करीब 2:30 बजे नाना ने एक दोस्त को मैसेज कर तबीयत ठीक नहीं लगने की बात कही थी। दोस्त ने उस समय मैसेज नहीं देखा। बाद में फोन करने पर वह करीब 4 बजे नाना के घर पहुंचा। उस वक्त नाना को काफी पसीना आ रहा था। उनकी हालत बिगड़ रही थी। कुछ देर बाद वह बेहोश होने लगे। इसके बाद केयरटेकर को अस्पताल भेजा गया और एंबुलेंस बुलाई गई। इमरजेंसी टीम घर पहुंची तो नाना पूरी तरह नॉन-रिएक्टिव थे। टीम ने तुरंत कार्डियक मसाज शुरू की। उन्हें सुबह करीब 4:20 से 4:30 बजे के बीच मणिपाल अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। ‘वेलकम’ में उदय शेट्टी बनकर कॉमेडी में भी छाए
2007 में आई फिल्म ‘वेलकम’ में नाना पाटेकर ने गैंगस्टर उदय शेट्टी का किरदार निभाया था। इस कॉमेडी रोल को काफी पसंद किया गया। वे इसके सीक्वल ‘वेलकम बैक’ में भी उदय शेट्टी के किरदार में नजर आए। फिल्म प्रहार के लिए मिलिट्री ट्रेनिंग ली थी
नाना पाटेकर ने फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ में आर्मी मेजर की भूमिका निभाने के लिए भारतीय सेना की मराठा लाइट इन्फैंट्री के साथ सैन्य प्रशिक्षण लिया था। इस दौरान उन्होंने करीब तीन साल तक ट्रेनिंग की थी। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद नाना पाटेकर टेरिटोरियल आर्मी से जुड़े। उन्हें मानद कैप्टन के रूप में कमीशन मिला। बाद में उन्होंने लेफ्टिनेंट कर्नल के मानद पद तक सेवाएं दीं और 2013 में रिटायर हुए। कारगिल युद्ध के दौरान भी सेना के साथ रहे
नाना पाटेकर का सेना से जुड़ाव 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भी सामने आया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस से विशेष अनुमति लेकर करीब 2 महीने सेना के साथ अग्रिम इलाकों में बिताए। किसानों की मदद के लिए शुरू किया था ‘नाम फाउंडेशन’
नाना पाटेकर सिर्फ अपनी फिल्मों के लिए ही नहीं, बल्कि सामाजिक कामों के लिए भी जाने जाते थे। किसानों और उनके परिवारों की मदद के लिए उन्होंने अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ 2015 में ‘नाम फाउंडेशन’ शुरू किया था। संस्था ने खास तौर पर महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त इलाकों में किसानों की मदद के लिए काम किया।
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