न्यायालय कर्मचारी की मौत पर हंगामा:परिजनों ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का लगाया आरोप, कर्मचारी कलेक्ट्रेट गेट पर धरने पर बैठे
फर्रुखाबाद में कोर्ट कर्मचारी की मंगलवार सुबह मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, अमित के सीने में अचानक दर्द उठा था। हालत बिगड़ने पर उन्हें लोहिया अस्पताल ले जाया जा रहा था। रास्ते में उनकी मौत हो गई। शव को अस्पताल लाया गया। यहां पुलिस ने मोर्चरी में शव रखवा दिया। इसके बाद परिजनों ने मंगलवार सुबह 10 पर लोहिया अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। मोर्चरी में शव रखने का विरोध करने लगे। पुलिस ने समझाकर उन्हें शांत करा दिया। परिवार के लोग कलेक्ट्रेट रवाना हो गए और अधिकारियों से मिले। इसका बाद 5 बजे कोर्ट के कर्मचारियों ने हंगामा शुरू कर दिया। कार्रवाई की मांग करने लगे। कलेक्ट्रेट के गेट पर मंगलवार रात 10 बजे तक धरना जारी था। मामला राजेपुर थाना क्षेत्र का है। परिजनों ने हमले की शिकायत दी थी अमित के भाई आलोक मिश्रा के मुताबिक, 27 सितंबर की रात करीब 8:30 बजे अमित बाइक से घर लौट रहे थे। गांव से करीब एक किलोमीटर पहले तीन बाइक सवारों ने उनकी बाइक गिरा दी। आरोप है कि अमित जान बचाकर भागे तो हमलावर उनका पीछा करने लगे। बाद में वे वहां से भाग गए। डायल 112 पर दी थी सूचना आलोक के अनुसार, घटना की सूचना डायल 112 पर दी गई थी। पुलिस मौके पर पहुंची थी। परिवार ने थाने में प्रार्थना पत्र दिया और अमित का मेडिकल भी कराया था। पुलिस ने 4 मोबाइल नंबरों की सीडीआर निकलवाने की बात कही थी। परिवार का आरोप है कि 48 घंटे में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पुलिस पर लापरवाही का आरोप परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद अमित काफी परेशान थे। इसी कारण उन्हें हार्टअटैक आया। आलोक ने कहा- अगर समय रहते कार्रवाई होती तो उनका भाई आज जिंदा होता। उन्होंने पुलिस पर मामले को टालने का आरोप लगाया। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी। मोर्चरी के बाहर हुआ हंगामा लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी से अमित के शव को मोर्चरी में रखवाया गया। इसके बाद परिवार के लोगों ने हंगामा किया। सूचना पर कादरी गेट थाना पुलिस पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान कहासुनी भी हुई। पुलिस के अनुसार, मोर्चरी का ताला तोड़ने का प्रयास किए जाने की बात भी सामने आई। कलेक्ट्रेट गेट पर धरने पर बैठे कर्मचारी मामले में राजेपुर थानाध्यक्ष और हल्का प्रभारी पर कार्रवाई की मांग को लेकर न्यायालय के कर्मचारी कलेक्ट्रेट गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष ऋषि यादव ने कहा कि अमित न्यायालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। उनके अनुसार, 27 सितंबर को घर जाते समय अमित पर हमला हुआ था। उन्होंने थाने में शिकायत दी थी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। थानाध्यक्ष और हल्का प्रभारी पर कार्रवाई की मांग ऋषि यादव ने कहा कि कर्मचारियों की मांग है कि राजेपुर थानाध्यक्ष और हल्का प्रभारी को निलंबित किया जाए। आरोपियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज हो। धरने के दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी भी की। तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे अमित अमित तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। उनका छोटा भाई उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात है और लखनऊ में उसकी पोस्टिंग है। परिवार के मुताबिक, अमित की दो बेटियां हैं। इनमें एक करीब साढ़े तीन साल की और दूसरी दो महीने की है। उनकी मौत से पत्नी रोली मिश्रा, मां रामा मिश्रा समेत परिवार के लोग बेहाल हैं।अमृतपुर सीओ राजेश द्विवेदी ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देशन में पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)