पाक्सो में फंस रहे 19-20 साल के लड़के, होगी जांच:हाईकोर्ट में फर्जी आयु प्रमाण पत्र का मामला उठा, फाइनल गाइडलाइन जार हो

Oct 25, 2026 - 00:50
0
पाक्सो में फंस रहे 19-20 साल के लड़के, होगी जांच:हाईकोर्ट में फर्जी आयु प्रमाण पत्र का मामला उठा, फाइनल गाइडलाइन जार हो
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्कूलों में छात्रों की जन्मतिथि दर्ज करने की प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी पर चिंता जताते हुए बेसिक शिक्षा विभाग को फाइनल गाइडलाइन जारी करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा फर्जी आयु प्रमाण पत्र के आधार पर 19-20 साल के लड़कों को पाक्सो एक्ट में झूठा फंसाया जा रहा है। इसे रोकने के लिए स्कूल प्रवेश के समय आयु का सही रिकॉर्ड जरूरी है। बंटी उर्फ बंशी की जमानत अर्जी पर न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने यह आदेश पारित किया। कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा को वीडियो कांफ्रेंसिंग पर बुलाया था । इससे पहले शिवम यादव केस में कोर्ट ने प्रमुख सचिव, बेसिक शिक्षा, यूपी लखनऊ को स्कूल में आयु दर्ज करने पर गाइडलाइन बनाने का निर्देश दिया था। इसी क्रम में इस जमानत केस में पीड़िता की उम्र को लेकर विवाद उठा तो कोर्ट ने 15.अक्टूबर 2026 के आदेश से अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा को हाजिर होने का आदेश दिया था। अपर मुख्य सचिव पेश हुए अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा कोर्ट में पेश हुए और बताया कि 17.सितंबर .2026 और 21.अक्टूबर .2026 को शिक्षा विभाग की बैठक कर गाइडलाइन तैयार की गई है। जिसमें कहा गया है कि प्रवेश पर 4 में से 1 दस्तावेज अनिवार्य होगा। जब जन्म-मृत्यु और विवाह रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1886 के तहत प्रमाण पत्र न हो, तो उत्तर प्रदेश निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार नियमावली 2011 के नियम-9 के अनुसार इन 4 में से कोई 1 उम्र प्रमाण माना जाएगा। इन्हें दी गई मान्यता क- अस्पताल या सहायक नर्स एवं मिडवाइफ पंजी अभिलेख ख- आंगनवाड़ी का अभिलेख ग- जन्म एवं मृत्यु संबंधी ग्राम पंजी घ- माता-पिता/अभिभावक द्वारा शपथ पत्र से उम्र की घोषणा प्रवेश के समय पंजिका में जन्मतिथि के साथ यह भी लिखा जाएगा कि उपरोक्त 4 में से कौन सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया। संबंधित कॉलम के सामने कक्षा अध्यापक के हस्ताक्षर होंगे, चाहे प्रवेश कक्षा-1 में हो या अन्य कक्षा में। यह होगा प्रारूप सक्षम प्राधिकारी द्वारा मांगने पर प्रधानाध्यापक/प्रधानाध्यापिका इसी प्रारूप में प्रमाण पत्र देंगे - मैं प्रधानाध्यापक प्रधानाध्यापिका... प्रमाणित करता/करती हूँ कि मेरे विद्यालय... के अभिलेखों में अंकित जन्मतिथि... के अनुसार छात्र/छात्रा... पुत्र/पुत्री... की आयु दिनांक.. को वर्ष... माह... दिन... है।_ अपर मुख्य सचिव ने बताया कि फाइनल गाइडलाइन से पहले विधि सहित अन्य विभागों से परामर्श चल रहा है, जल्द ही जारी होगी। कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव बेसिक के प्रयास की सराहना की और सभी विभागों को सहयोग करने का निर्देश दिया। यह जमानत अर्जी थाना डन्नाहर, जिला मैनपुरी केस में थी। याची बंटी उर्फ बंशी पर आरोप था कि उसने शिकायतकर्ता की 16 साल की बेटी को बहला-फुसला लिया। लेकिन कोर्ट ने पाया - एफआईआर में 16 साल बताया, पर कक्षा-5 का सर्टिफिकेट लगाकर 14 साल से कम दिखाया गया, जबकि पीड़िता के बयानों में खुद कहा - मैंने पूर्व माध्यमिक विद्यालय जरामई, मैनपुरी से कक्षा-8 पास की है और मेरी उम्र 14 साल है, मैं अपनी मर्जी से बंटी के साथ गई क्योंकि प्रेम संबंध है। पिता ने खुद 16 साल माना, पुलिस को कक्षा-8 की मार्कशीट छिपाकर कक्षा-5 की दी गई। पीड़िता के माता-पिता ने मेडिकल परीक्षण से ही इन्कार कर दिया। याची का कोई आपराधिक इतिहास नहीं, चार्जशीट दाखिल, है ।20.अगस्त .2026 से जेल में बंद हैं। इन्हीं आधारों पर कोर्ट ने सशर्त जमानत मंजूर कर ली।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User