चुनाव से 3 दिन पहले नेतन्याहू का बुलडोजर एक्शन:2 सैनिकों की मौत के बाद फिलिस्तीनियों के 300 घर ढहाए; कहा- सब तबाह कर देंगे
इजराइल में चुनाव से महज 3 दिन पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वेस्ट बैंक के हेब्रोन इलाके में बड़ी कार्रवाई की है। इजराइली सेना ने यहां फिलिस्तीनियों के 300 घरों को बुलडोजर से ढहा दिया। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक करीब 1500 लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है। यह कार्रवाई शुक्रवार को वेस्ट बैंक के हेब्रोन में एक इजराइली सैन्य चेकपोस्ट पर हमले के बाद हुई। इसमें 2 इजराइली सैनिकों की मौत हो गई थी। इसके बाद नेतन्याहू ने इलाके को तबाह करने की धमकी दी थी। 35 हेक्टेयर जमीन पर बनी बस्तियां तबाह कपोस्ट पर गोलीबारी के बाद सेना ने हेब्रोन इलाके में कार्रवाई शुरू की। पूरे शहर में लॉकडाउन लगा दिया गया है। करीब ढाई लाख की आबादी वाले इस शहर में जगह-जगह सैन्य चौकियां बनाकर आवाजाही रोक दी गई। इससे लोगों के लिए अपने घरों से निकलना और जरूरी काम करना मुश्किल हो गया है।अधिकारियों के मुताबिक करीब 35 हेक्टेयर जमीन पर बनी बस्तियों को नष्ट किया गया है या उसे नष्ट करने की तैयारी है। नेतन्याहू ने घटनास्थल का दौरा किया इजराइल में आम चुनाव से पहले नेतन्याहू और वित्त मंत्री स्मोट्रिच ने घटनास्थल का दौरा किया। इस दौरान नेतन्याहू ने कहा कि इलाके को तबाह कर दिया जाएगा। स्मोट्रिच ने आसपास बनी उन अरब बस्तियों को भी गिराने की मांग की, जिन्हें इजराइली सरकार अवैध मानती है। स्मोट्रिच ने कहा कि इलाके में गाजा और लेबनान जैसी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनके इस बयान से लगता है कि इजराइली सरकार यहां सैन्य कार्रवाई और तेज कर सकती है।नेतन्याहू की यह यात्रा ऐसे समय हुई है, जब इजराइल में चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सुरक्षा और फिलिस्तीनियों के खिलाफ कार्रवाई चुनावी राजनीति के अहम मुद्दे बने हुए हैं। वेस्ट बैंक पर विवाद क्यों है? वेस्ट बैंक 1967 के युद्ध में इजराइल के कब्जे में आया था। फिलिस्तीनी इसे अपने भविष्य के स्वतंत्र देश का हिस्सा मानते हैं। वहीं, इजराइल में भी कुछ लोग ऐतिहासिक और धार्मिक कारणों से इस इलाके पर अपना हक जताते हैं। 1967 के बाद से इजराइल ने वेस्ट बैंक में कई बस्तियां बसाई हैं, जहां इजराइली नागरिक रहते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय का बड़ा हिस्सा इन बस्तियों को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ मानता है, जबकि इजराइल इससे सहमत नहीं है। फिलिस्तीनियों का कहना है कि बस्तियों के विस्तार से उनकी जमीन पर दबाव बढ़ता है और आवाजाही में भी मुश्किलें आती हैं। जुलाई 2024 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने कहा था कि कब्जे वाले फिलिस्तीनी इलाके में इजराइल की मौजूदगी गैरकानूनी है। अदालत ने बस्तियों से जुड़ी इजराइल की नीतियों को भी अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया था। वेस्ट बैंक तीन हिस्सों में बंटा 1990 के दशक में हुए समझौतों के तहत वेस्ट बैंक को तीन हिस्सों में बांटा गया। इन हिस्सों में फिलिस्तीनी प्रशासन और इजराइल के नियंत्रण की स्थिति अलग-अलग है। एरिया ए (करीब 18% इलाका): यहां फिलिस्तीनी प्रशासन और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालते हैं। हालांकि, इजराइली सेना यहां भी कार्रवाई करती है। एरिया बी (करीब 22% इलाका): यहां रोजमर्रा के काम और नागरिक प्रशासन फिलिस्तीनियों के पास हैं, जबकि सुरक्षा में इजराइल की भी भूमिका है। एरिया सी (करीब 60% इलाका): इस पूरे हिस्से पर इजराइल का प्रशासनिक और सैन्य नियंत्रण है। यहां घर बनाने और जमीन का इस्तेमाल करने जैसे मामलों में भी इजराइल की मंजूरी जरूरी होती है। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें… फिलीपींस में 2 ट्रेनी विमान टकराए, VIDEO: चारों पायलटों की मौत, इस साल हवा में विमान टकराने का यह पांचवां बड़ा हादसा फिलीपींस में शुक्रवार को ट्रेनिंग के दौरान वायुसेना के दो विमान टकरा गए। हादसे में दोनों विमानों में सवार चारों पायलटों की मौत हो गई। हादसा दोपहर 3:51 बजे मनीला के दक्षिण में लीपा शहर स्थित फर्नांडो एयर बेस के पास हुआ। दोनों SF-260 विमान कम ऊंचाई पर उड़ रहे थे। एक विमान के टुकड़े सैन्यकर्मियों के बैरक के पास गिरे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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