पेंशनरों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया:देवरिया में 8वें वेतन आयोग में पुराने पेंशनरों को शामिल करने की मांग
देवरिया जिले के गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन और सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन ने मंगलवार दोपहर एक बजे कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। पेंशनरों ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजा। इसमें केंद्रीय आठवें वेतन आयोग के दायरे में पुराने पेंशनरों को शामिल करने, पेंशन पुनरीक्षण समेत अन्य सुविधाएं और लाभ देने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि अखिल भारतीय राज्य पेंशनर फेडरेशन के आह्वान पर देश के विभिन्न जिलों में पेंशनरों की मांगों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी क्रम में देवरिया में भी पेंशनरों ने अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाईं।
पुराने पेंशनरों को 8वें वेतन आयोग में शामिल करने की मांग
पेंशनरों ने वित्त विधेयक 2025 में पेंशनरों के बीच तिथि के आधार पर किए गए कथित विभेद को समाप्त करने और पुराने पेंशनरों को भी आठवें वेतन आयोग के दायरे में लाने की मांग की। वेतन आयोग की प्रक्रिया में हो रहे विलंब को देखते हुए कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों को अंतरिम सहायता देने की मांग भी की गई।
संगठन ने कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों के लिए अलग उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) बनाए जाने तथा पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग रखी।
पेंशन से जुड़ी कई मांगें
पेंशनरों ने पेंशन के राशिकरण की कटौती 10 वर्ष में बंद करने और निर्धारित आयु पूरी होने के बाद प्रत्येक पांच वर्ष पर पेंशन में पांच प्रतिशत की वृद्धि करने की मांग की। पेंशन को आयकर से मुक्त रखने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
संगठन ने कोरोना काल के 18 महीने के लंबित डीए व डीआर एरियर का भुगतान कराने, आयुष्मान भारत में कैशलेस इलाज की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने और वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में 50 प्रतिशत छूट देने की मांग की।
वरिष्ठ नागरिक आयोग के गठन की मांग
ज्ञापन में महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल वेतन और पेंशन में मर्ज करने तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए वरिष्ठ नागरिक आयोग का गठन करने की मांग भी की गई। प्रदर्शन के बाद संगठन के अध्यक्ष देवेंद्र मणि त्रिपाठी और मंत्री रामनिवास पांडेय की ओर से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया। ज्ञापन की प्रतियां केंद्रीय वित्त मंत्री, प्रदेश के वित्त मंत्री और संबंधित पेंशनर संगठनों को भी भेजी गई हैं।
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