पहली बार शमशाबाद पहुंचेगी मनःकामेश्वर रामलीला की रामबारात:8km का होगा मार्ग विस्तार , शिव वाटिका में सजेगा जनकमहल

Sep 30, 2026 - 19:27
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पहली बार शमशाबाद पहुंचेगी मनःकामेश्वर रामलीला की रामबारात:8km का होगा मार्ग विस्तार , शिव वाटिका में सजेगा जनकमहल
इस बार श्री मनःकामेश्वर रामलीला महोत्सव में रामबारात आठ किलोमीटर आगे बढ़कर पहली बार शमशाबाद पहुंचेगी। शमशाबाद की शिव वाटिका में भव्य जनकपुर और जनक महल तैयार किया जाएगा, जहां रामबारात का स्वागत मिथिला की परंपराओं के अनुसार होगा। जनकपुर को विवाह वाले घर की तरह सजाया जाएगा। यहां मेहंदी, हल्दी, शगुन और विवाह की रस्मों के साथ मिथिला की संस्कृति और आतिथ्य की झलक देखने को मिलेगी। श्री मनःकामेश्वर रामलीला महोत्सव का आयोजन इस वर्ष 11 से 21 अक्टूबर तक होगा। इसकी घोषणा को लेकर दिगनेर स्थित वानप्रस्थ वृद्ध आश्रम परिसर में समारोह आयोजित किया गया। श्री मनःकामेश्वर मठ-मंदिर के महंत योगेश पुरी ने महोत्सव के कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 15 अक्टूबर को रामबारात निकलेगी, जिसमें 50 से अधिक झांकियां शामिल होंगी। शिव वाटिका में बनेगा भव्य जनक महल मठ-मंदिर प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि इस वर्ष रामबारात के मार्ग का विस्तार करते हुए इसे शमशाबाद तक ले जाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में पहली बार जनकपुर का निर्माण किया जाएगा। शिव वाटिका में जनक महल तैयार होगा और यहीं रामबारात का स्वागत किया जाएगा। जनकपुर में श्री मनःकामेश्वर नाथ बाबा और श्रीनाथजी महाराज की झांकियां सजाई जाएंगी। रामबारात में श्रीराम के साथ सभी पीठासीन देव स्वरूप पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होंगे। वहीं जनकपुरवासी लाल वेशभूषा में बारात का स्वागत करेंगे। विवाह वाले घर जैसा होगा जनकपुर जनकपुर को केवल सजावट तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे बेटी के विवाह वाले घर की तरह तैयार करने की योजना है। मेहंदी, हल्दी, शगुन और विवाह से जुड़ी पारंपरिक रस्मों की झलक दिखाई जाएगी। श्रद्धालुओं को मिथिला की संस्कृति, परंपरा और आतिथ्य का अनुभव कराने की तैयारी है। जनकपुर संयोजक आशीष आर्या ने बताया कि जनक महल और जनकपुर को पारंपरिक स्वरूप देने के लिए तैयारियां चल रही हैं। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ लोक परंपराओं को भी आयोजन में शामिल किया जाएगा। 16 अक्टूबर को तुलसी-शालिग्राम विवाह, बड़हार की दावत जनकपुर महोत्सव के तहत 16 अक्टूबर को तुलसी-शालिग्राम विवाह का आयोजन होगा। इसके साथ पारंपरिक बड़हार की दावत भी होगी। विवाह संस्कारों से जुड़े विभिन्न प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे और श्रद्धालुओं की सहभागिता रहेगी। उद्घोषणा समारोह में हुआ राजा जनक का स्वागत उद्घोषणा समारोह में रामायणकालीन परंपरा की प्रतीकात्मक झलक भी दिखाई गई। महर्षि वशिष्ठ के स्वरूप में श्री महंत योगेश पुरी को राजा जनक के स्वरूप बने ऋषि भोला वर्मा ने शगुन का नारियल और फलों की टोकरी भेंट की। इसके बाद मठ-मंदिर परिवार की ओर से राजा जनक के स्वरूप बने ऋषि वर्मा का स्वागत किया गया। ‘बेटी का कन्यादान कर चुका, अब माता जानकी के पिता बनने का सौभाग्य’ इस वर्ष ऋषि भोला वर्मा राजा जनक की भूमिका निभाएंगे। सराफा व्यवसायी वर्मा तीन संतानों के पिता हैं और तीनों बच्चों का विवाह हो चुका है। वह अपनी बेटी का कन्यादान भी कर चुके हैं। अब माता जानकी के पिता राजा जनक का स्वरूप निभाने को वह अपने लिए विशेष सौभाग्य मानते हैं। उन्होंने कहा, “मैं तीन संतानों का पिता हूं। दोनों बेटों और बेटी का विवाह हो चुका है और बेटी का कन्यादान करने का सौभाग्य भी मिला। अब माता जानकी के पिता राजा जनक का स्वरूप निभाने का अवसर मिलना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। यह केवल अभिनय नहीं, बल्कि आस्था और भावनाओं से जुड़ा अवसर है।” उन्होंने बताया कि जनकपुर में ऐसा माहौल तैयार किया जाएगा, जैसे घर में बेटी का विवाह हो रहा हो। मेहंदी, हल्दी, शगुन और विवाह की रस्मों के बीच भगवान श्रीराम की बारात का राजा जनक के रूप में स्वागत उनके लिए भावुक और गौरवपूर्ण क्षण होगा। ये रहे मौजूद उद्घोषणा समारोह में ब्लॉक प्रमुख बरौली अहीर उत्तम सिंह काका, कुंज बिहारी अग्रवाल, विजय सिंह, संध्या बैनर्जी, पवन कुमार अग्रवाल, अनिरुद्ध माथुर, पायल माथुर, युवराज परिहार, सुधीर यादव, सूर्य प्रताप, लक्ष्मीकांत, अमर गुप्ता, रवि वर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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