फर्जी कागजों से जमानत का खेल:संपत्ति के कागजों से जमानत कराने वाला नेटवर्क पकड़ा, दो पेशेवर जमानतियों पर केस
ललितपुर की तालबेहट पुलिस ने फर्जी दस्तावेज और संपत्ति के कागजात के आधार पर जमानत कराने वाले नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने नेहरूनगर निवासी देवी प्रसाद और जीरौन निवासी मंगू उर्फ मगनलाल के खिलाफ 30 सितंबर की रात एफआईआर दर्ज की है। दोनों को पुलिस पेशेवर जमानती बता रही है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी संगठित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कर अलग-अलग मामलों में आरोपियों की जमानत कराते थे। इसके बदले वे आर्थिक लाभ लेते थे। अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और जमानत में इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। देवी प्रसाद ने कई आरोपियों की कराई जमानत उप निरीक्षक विकास कुमार की रिपोर्ट के अनुसार, देवी प्रसाद ने रविन्द्र यादव, अनुराग, रामकिशोर उर्फ भज्जू, आनंद, रमेश कुमार, मोहसिन कुरैशी, मनीष पटवा, शौकत और सुरेंद्र रजक समेत कई अभियुक्तों की जमानत कराई। पुलिस अब इन सभी मामलों में इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों की जांच कर रही है। मंगू ने भी कई मामलों में दी जमानत जीरौन निवासी मंगू उर्फ मगनलाल पर भी कई आरोपियों की जमानत कराने में मदद करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, उसने आबिद खां, दीपचंद्र, आदित्य, नीरज छीपा, मोगली उर्फ सलमान और विजय जैसे आरोपियों की जमानत कराई थी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन मामलों में कौन-कौन से दस्तावेज लगाए गए थे। फर्जी कागजों से आर्थिक लाभ लेने का आरोप पुलिस का कहना है कि आरोपी फर्जी दस्तावेज और संपत्ति संबंधी कागजात तैयार कर जमानत प्रक्रिया में इस्तेमाल करते थे। इसके बदले उनसे आर्थिक लाभ लिया जाता था। मामले में जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और आपराधिक साजिश के आरोपों के आधार पर जांच शुरू की गई है। 22 जमानतियों पर पहले हो चुकी है कार्रवाई पुलिस अब दोनों आरोपियों से जुड़े पुराने मामलों और उनके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटा रही है। जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जमानत कराने में और कौन लोग शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, जिले में ऐसे मामलों में अब तक 22 जमानतियों पर कार्रवाई की जा चुकी है।
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