फसल बर्बाद होने के बाद किसानों ने मांगी कर्जमाफी:भाकियू ने सीएम के नाम डीएम को दिया पत्र, कहा- सर्वे कराकर मुआवजा दिलाएं
सीतापुर में मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता फसल नुकसान और आर्थिक परेशानी को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। भाकियू जिलाध्यक्ष मयंक सिंह चौहान के नेतृत्व में किसानों ने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र भेजा। इसमें आपदा से प्रभावित किसानों के कृषि ऋण माफ करने, फसलों का सर्वे कराने और आर्थिक मुआवजा देने की मांग की गई। 36 घंटे की बारिश और आंधी से फसलों को नुकसान भाकियू जिलाध्यक्ष ने कहा कि पिछले दिनों करीब 36 घंटे तक हुई लगातार बारिश और तेज आंधी से खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। बारिश और जलभराव से धान, मक्का, सब्जियों समेत अन्य व्यावसायिक फसलें खेतों में गिर गई हैं। कई जगह फसलें सड़ने लगी हैं। फसल बर्बाद होने से कर्ज चुकाना मुश्किल संगठन के मुताबिक किसानों ने बीज, खाद और खेती के दूसरे संसाधनों के लिए बैंक, सहकारी समितियों और अन्य माध्यमों से कर्ज लिया था। अब फसल खराब होने के बाद किसानों के सामने कर्ज चुकाने का संकट खड़ा हो गया है। भाकियू ने कहा कि किसानों की आय का प्रमुख साधन खत्म होने से परिवारों के सामने भोजन और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने की भी समस्या है। सरकारी और बैंक कृषि ऋण माफ करने की मांग भाकियू ने आपदा से प्रभावित किसानों के सरकारी, सहकारी समितियों और बैंकों से लिए गए कृषि ऋण पूरी तरह माफ करने की मांग की। संगठन ने प्रभावित खेतों का विशेष टीम से पारदर्शी सर्वे कराने और प्रति एकड़ नुकसान के आधार पर उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग रखी। अगली फसल के लिए मुफ्त बीज-खाद की मांग किसान संगठन ने अगली फसल की बुवाई के लिए मुफ्त बीज, खाद और जरूरी कृषि संसाधन उपलब्ध कराने की भी मांग की। भाकियू का कहना है कि इससे फसल बर्बाद होने से आर्थिक संकट में आए किसान दोबारा खेती शुरू कर सकेंगे।
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