फसल सर्वे और मुआवजे को लेकर किसानों का रोष:सर्वे के नाम पर ₹1 हजार मांगने का आरोप, SDM को सौंपा ज्ञापन
संभल में बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान के सर्वे और मुआवजे को लेकर किसानों में रोष है। शनिवार दोपहर 2 बजे भाकियू टिकैत के पदाधिकारी और किसान उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने फसल सर्वे में गड़बड़ी और कथित अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए ज्ञापन सौंपा। किसानों ने प्रभावित फसलों का निष्पक्ष सर्वे कराकर नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की। सर्वे के नाम पर ₹1 हजार मांगने का आरोप किसानों का आरोप है कि चिरौली भगवन्तपुर में बारिश से खराब हुई धान और बाजरा की फसल के सर्वे के नाम पर एक निजी व्यक्ति द्वारा प्रत्येक किसान से एक हजार रुपये की मांग की जा रही है। आरोप है कि जो किसान रुपये नहीं दे रहे हैं, उनके खेतों का सर्वे नहीं किया जा रहा। किसानों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की। कई किसान सर्वे से अब भी वंचित किसानों ने बताया कि करीमपुर घेर क्षेत्र में कई किसानों की फसलों का अभी तक सर्वे नहीं हुआ है। उन्होंने सभी प्रभावित किसानों की फसलों का तत्काल सर्वे कराने और नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की। चिरौली भगवन्तपुर और करीमपुर क्षेत्र में तैनात लेखपाल विशाल चाहल के संबंध में भी शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की गई। 10 बीघा में 8 बीघा खराब तो पूरा नुकसान दर्ज हो भाकियू टिकैत के तहसील अध्यक्ष महेश यादव ने आरोप लगाया कि कई किसानों की फसल का बड़ा हिस्सा खराब होने के बावजूद नुकसान का सही आकलन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी किसान की 10 बीघा फसल में 8 बीघा खराब हो गई है और 2 बीघा खड़ी है तो सर्वे में खराब हुई 8 बीघा फसल का वास्तविक नुकसान दर्ज किया जाना चाहिए। चकरोड की पैमाइश नहीं होने की शिकायत किसानों ने ग्राम कैनूड़ी के लेखपाल जयवीर और ग्राम निकेश के लेखपाल दानवीर के संबंध में भी शिकायतें रखीं। कैनूड़ी में चकरोड की पैमाइश का आदेश होने के बावजूद करीब दो महीने से पैमाइश नहीं होने का आरोप लगाया गया। किसान और पदाधिकारी रहे मौजूद ज्ञापन देने के दौरान संजीव यादव, महिदेव चौधरी, डॉ. शुभम चौधरी, देवेंद्र सिंह, महेश यादव, विपिन यादव, देवन यादव, सोमवीर और सुधीर सहित भाकियू टिकैत के पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे।
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