प्रधान के बेटे के हत्यारोपी जेल में ही रहेंगे:झांसी में सेशन कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की, रेस्टोरेंट में गोली मारी थी

Oct 09, 2026 - 21:01
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प्रधान के बेटे के हत्यारोपी जेल में ही रहेंगे:झांसी में सेशन कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की, रेस्टोरेंट में गोली मारी थी
झांसी में महिला प्रधान के बेटे संजय सिंह उर्फ संजू (33) की गोली मारकर हत्या करने वाले 3 आरोपियों को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा। सेशन कोर्ट ने तीनों की जमानत याचिका खारिज कर ली। जिला सत्र न्यायाधीश कमलेश कच्छल ने कहा- मामला गोली मारकर हत्या करने के गंभीर अभियोग से संबंधित है। सभी तथ्यों को देखते हुए आरोपी जमानत पाने के अधिकारी नहीं हैं। इसलिए सिद्धेश्वर नगर आईटीआई निवासी जितेंद्र यादव उर्फ जीतू, अजीम सैफी उर्फ भीम और रक्सा के परवई निवासी धर्मेंद्र सिंह की जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किए जाते हैं। डीजीसी क्राइम मृदुल कांत श्रीवास्तव ने बताया- 23 जुलाई 2026 की रात संजय सिंह अपने चार दोस्तों के साथ इलाइट चौराहे से करीब 300 मीटर दूर स्थित द मेड किचन रेस्टोरेंट में खाना खाने गया था। तभी एक बदमाश ने संजय को गोली मार दी थी। इलाज के दौरान संजय की मौत हो गई थी। शादी नहीं हुई थी, 6 साल से शहर में रह रहा था संजय सिंह झांसी शहर से लगभग 100 किमी दूर गरौठा के हैवतपुरा गांव का रहने वाला था। उसकी मां रामदेवी गांव की प्रधान हैं। परिजनों ने बताया कि रामदेवी के तीन बच्चे हैं। बड़े बेटे सर्वेश और बेटी रचना की शादी हो चुकी है। संजय की शादी नहीं हुई थी। वह छह साल से झांसी में नंदनपुरा के पास रिश्तेदार के घर में रह रहा था। वह कचहरी में एडवोकेट दशरथ सिंह के पास मुंशी का काम करता था। दतिया पीतांबरा पीठ से लौटे थे दोस्त शिवम ने बताया था- मैं भी एडवोकेट दशरथ सिंह के पास काम करता हूं, इसलिए मेरी संजय से दोस्ती हो गई थी। 23 जुलाई की शाम 4:30 बजे संजय कचहरी से निकला था। चंदौली से हमारे दोस्त एडवोकेट नारायण ओझा झांसी आए थे। उन्हें पीतांबरा माई के दर्शन के लिए दतिया जाना था। कार से मैं, संजय, नारायण और एडवोकेट दशरथ दतिया गए और दर्शन करके लौट आए। वापसी में हम इलाइट चौराहे के पास स्थित द मेड किचन रेस्टोरेंट में खाना खाने के लिए रुक गए। संजय ने फोन करके दोस्त धर्मेंद्र को खाने पर बुलाया था उन्होंने बताया- संजय ने फोन करके दोस्त धर्मेंद्र को भी बुला लिया। हम पांचों ने मिलकर खाना खाया। खाना खा ही चुके थे, तभी काले कपड़े पहने एक युवक आया और गोली चला दी। हम कुछ समझ नहीं पाए। संजय को गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा। गोली मारने के बाद आरोपी तमंचा लहराते हुए बाहर निकला। पार्किंग में खड़े गार्ड ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। हमने हमलावर को पहले कभी नहीं देखा था। दोस्त संजय को मेडिकल कॉलेज ले गए। जहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए थे आरोपी 27 जुलाई की रात को पुलिस मुठभेड़ में अजीम सैफी उर्फ भीम और धर्मेंद्र सिंह परिहार को गिरफ्तार किया था। अजीम सैफी के पैर में गोली लगी है। बाद में अजय यादव, उसका रिश्तेदार जितेंद्र यादव उर्फ जीतू और हुसैन उर्फ खड्‌ड़ा को गिरफ्तार किया था। उनसे तमंचा, पिस्टल, कारतूस आदि बरामद हुए थे। एसपी सिटी ने बताया था- संजय सिंह, धर्मेंद्र परिहार और अजय यादव प्रॉपर्टी का काम करते थे। धर्मेंद्र परिहार का शिवानी होटल के पीछे 5 हजार स्कवॉयर फीट का एक प्लाट था। संजय ने धर्मेंद्र को नंगा करके पीटा और फिर प्लाट पर कब्जा कर लिया था। इसके अलावा अजय यादव की पॉल कॉलोनी में जमीन है। जमीन को लेकर अजय का संजय से विवाद चल रहा था। संजय ने अजय के खिलाफ रेप का झूठा मुकदमा लिखवाने का प्रयास किया। इन्हीं वजहों ने दोनों ने संजय की हत्या की प्लानिंग की। दोनों ने अजय के रिश्तेदार जितेंद्र यादव उर्फ जीतू, अजीम सेफी उर्फ भीम और हुसैन उर्फ खड्‌ड़ा को संजय की हत्या की सुपारी दे दी। इसके बाद वे मौके की तलाश में जुट गए। दोस्त ने हत्यारोपी को संजय के बारे में सूचना दी थी 23 जुलाई को संजय अपने दोस्तों के साथ द मेड किचिन रेस्ट्रोरेंट में खाना खा रहा था। उसने दोस्त धर्मेंद्र को भी खाना खाने के लिए बुलाया। उसने फोन पर अजय को खबर दे दी कि संजय द मेड किचिन में खाना खा रहा है। तब सभी आरोपी कार और बाइक से पार्किंग में पहुंचे। यहां से हुसैन रेस्ट्रोरेंट के अंदर गया और खाना खा रहे संजय के सिर में पिस्टल सटाकर गोली मार दी। इलाज के दौरान संजय की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी भाग गए थे।

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