प्रयागराज में 2166 दुर्गा पंडालों में सुरक्षा इंतजाम बढ़े:पुलिस की निगरानी, नवरात्रि, दशहरा, रामलीला की सुरक्षा पर अहम बैठक

Oct 18, 2026 - 18:42
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प्रयागराज में 2166 दुर्गा पंडालों में सुरक्षा इंतजाम बढ़े:पुलिस की निगरानी, नवरात्रि, दशहरा, रामलीला की सुरक्षा पर अहम बैठक
प्रयागराज में नवरात्रि, दुर्गा पूजा और दशहरा समेत आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए रविवार को पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने पीस कमेटी की अहम बैठक की। बैठक में दुर्गा पूजा समितियों, रामलीला आयोजकों और अन्य संबंधित लोगों के साथ त्योहारों की तैयारियों, कानून-व्यवस्था, यातायात, महिला सुरक्षा और प्रतिमा विसर्जन के दौरान होने वाली समस्याओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने आयोजकों से आपसी समन्वय बनाए रखने और पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। बैठक में पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी। एडिशनल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) अजय पाल शर्मा ने त्योहारों के आयोजन से जुड़े आंकड़े साझा किए और बैठक का उद्देश्य बताया। वहीं, डीएम मनीष कुमार वर्मा ने शासन के निर्देशों, विभागों के बीच समन्वय और आयोजकों की समस्याओं के समाधान पर जोर दिया। 2166 दुर्गा प्रतिमाएं, 221 जगह रामलीला, 135 स्थानों पर पुतला दहन एडिशनल सीपी अजय पाल शर्मा ने बताया कि प्रयागराज में त्योहारों के दौरान बड़े स्तर पर आयोजन होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और व्यवस्थाओं की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले में 607 बड़े दुर्गा पूजा पंडाल हैं, जबकि कुल 2166 स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। इसके अलावा 221 स्थानों पर रामलीला का मंचन और 135 जगहों पर रावण के पुतले का दहन होता है। प्रतिमा विसर्जन के लिए चार प्रमुख स्थल निर्धारित हैं। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में महाअष्टमी, नवमी, दशहरा, करवा चौथ, अहोई अष्टमी, दीपावली और रामलीलाओं के भरत मिलाप जैसे आयोजन होने हैं। ऐसे में सभी कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण और सुचारु ढंग से संपन्न कराने के लिए पहले से तैयारी जरूरी है। अजय पाल शर्मा के मुताबिक, पीस कमेटी की बैठक का उद्देश्य आयोजकों और आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सभी का सहयोग मिले। बैठक में लोगों ने यातायात, महिला सुरक्षा, विसर्जन के समय जाम, सिविल डिफेंस की भागीदारी और आयोजकों के साथ बैठक के समय को लेकर सुझाव दिए। अधिकारियों ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से नोट किया है। सभी 2166 प्रतिमा स्थलों पर राजपत्रित अधिकारी पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने बताया कि दुर्गा पूजा पंडालों के आयोजकों और रामलीला कमेटियों के साथ पहले ही बैठकें की जा चुकी हैं। थाना स्तर और डीसीपी स्तर पर भी बैठकें हुई हैं। अब तक संपन्न कार्यक्रमों की समीक्षा कर आगे के आयोजनों के लिए जरूरी निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी कार्यालय से मिले निर्देशों को भी जिले के स्तर पर लागू करने के लिए संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में स्थापित सभी 2166 प्रतिमाओं और पंडालों के स्थानों का राजपत्रित अधिकारी निरीक्षण कर रहे हैं। इन स्थानों पर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है। आयोजकों के साथ लगातार संवाद बनाए रखा जा रहा है, जबकि भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात सुचारु रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है। बैरियर पर किसी के लिए नहीं हटेगी रोक पुलिस कमिश्नर ने आम नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने और अपने वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जहां बैरियर या बैरिकेडिंग लगाई गई है, वहां से आगे लोगों को पैदल जाना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति के लिए बैरियर नहीं हटाया जाएगा। कोई व्यक्ति किसी भी श्रेणी का हो या सरकारी सेवा में कार्यरत हो, नियमों में उसके लिए छूट नहीं होगी। पुलिस यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नियमों का सख्ती से पालन कराएगी। सोशल मीडिया पर निगरानी, अफवाहों पर होगी कार्रवाई पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए टीमें तीन शिफ्टों में 24 घंटे काम कर रही हैं। सोशल मीडिया पोस्ट और लोगों की प्रतिक्रियाओं का सेंटीमेंट एनालिसिस भी किया जा रहा है, ताकि किसी तरह की भ्रामक जानकारी या अफवाह को समय रहते पहचाना जा सके। उन्होंने कहा कि भ्रामक या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट सामने आने पर उसे चिह्नित किया जाता है। पोस्ट करने वाले व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से संपर्क कर ऐसी पोस्ट को हटवाने की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है। महिला पुलिस की तैनाती, मिशन शक्ति हेल्पडेस्क सक्रिय त्योहारों के दौरान महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पूजा स्थलों, प्रमुख मार्गों और बाजारों में लगातार पुलिस गश्त की जा रही है। आयोजन स्थलों पर महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई है, ताकि महिलाएं बिना किसी संकोच के अपनी समस्या बता सकें। थानों में मिशन शक्ति के तहत संचालित महिला हेल्पडेस्क की महिला सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबल को विशेष रूप से ब्रीफ किया गया है। सभी आपातकालीन नंबरों का प्रचार-प्रसार भी किया गया है। इसके साथ ही स्कूलों, कॉलेजों और महिला विद्यालयों के प्रिंसिपलों को जागरूक किया गया है। उनसे कहा गया है कि यदि किसी छात्रा को किसी तरह की असहजता या परेशानी होती है, तो वह स्कूल प्रशासन या पुलिस को तत्काल सूचना दे। ऐसी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। डीएम बोले- सभी विभाग मिलकर कर रहे काम डीएम मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि कई त्योहार अभी चल रहे हैं और आने वाले दिनों में भी कई महत्वपूर्ण आयोजन होने हैं। इसी को ध्यान में रखकर पीस कमेटी की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में सभी पहलुओं पर चर्चा की गई और शासन से मिले निर्देशों के बारे में आयोजकों को अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि विभिन्न समितियों और आयोजकों की समस्याओं को भी नोट किया गया है। बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, जिससे विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें। डीएम ने बैठक को सकारात्मक बताते हुए उम्मीद जताई कि पुलिस, प्रशासन, संबंधित विभागों और आयोजन समितियों के आपसी सहयोग से आगामी सभी त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होंगे।

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