पूर्व उपसभापति को धमकी देने वाला रजत बना हिस्ट्रीशीटर:जेल से छूटने के बाद पुलिस ने की कार्रवाई; सोशल मीडिया से शुरू हुआ था विवाद
गोरखपुर में भाजपा नेता और पूर्व उपसभापति को जान से मारने की धमकी देने के मामले में जेल जा चुके रजत चौधरी पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। गोरखनाथ थाना क्षेत्र के रहने वाले रजत चौधरी को पुलिस ने दुराचारी घोषित करते हुए हिस्ट्रीशीटर बनाया है। उसके आपराधिक इतिहास को देखते हुए पुलिस ने उसकी हिस्ट्रीशीट खोली है। रजत 15 सितंबर को जेल से रिहा हुआ था। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ यह कार्रवाई की।
रजत चौधरी के साथ ही गोरखनाथ थाना क्षेत्र के सुरेंद्र निषाद को भी दुराचारी घोषित करते हुए दोनों की हिस्ट्रीशीट खोली है। पुलिस के मुताबिक दोनों के खिलाफ अलग-अलग थानों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
रजत के खिलाफ सात, सुरेंद्र पर 10 मुकदमे
पुलिस के अनुसार रजत चौधरी के खिलाफ कुल सात मुकदमे दर्ज हैं। वहीं सुरेंद्र निषाद के खिलाफ अब तक 10 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। दोनों के आपराधिक इतिहास को देखते हुए पुलिस ने उन्हें हिस्ट्रीशीटर की निगरानी में रखा है।
रजत चौधरी वार्ड नंबर 53 लच्छीपुर जप्ती टोला के विकास नगर का रहने वाला है। वह पूर्व पार्षद का बेटा है। वहीं सुरेंद्र निषाद गोरखनाथ थाना क्षेत्र के रामपुर नया गांव का निवासी है।
जेल से छूटने के बाद पुलिस की नजर
रजत चौधरी को 15 सितंबर को जेल से रिहाई मिली थी। जेल से बाहर आने के बाद पुलिस ने उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और गतिविधियों की समीक्षा की। इसके बाद उसके खिलाफ हिस्ट्रीशीट खोलने की कार्रवाई की गई। पुलिस अब दोनों की गतिविधियों पर नजर रखेगी और आपराधिक इतिहास के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
एसएसपी के निर्देश पर कार्रवाई
गोरखपुर के एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के निर्देशन में थाना गोरखनाथ पुलिस ने दोनों अपराधियों को दुराचारी घोषित किया है। पुलिस का कहना है कि दोनों के आपराधिक इतिहास के अनुरूप ‘ख’ प्रकार की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद पुलिस द्वारा दोनों की गतिविधियों और आपराधिक गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। रिहाई का वीडियो सोशल मीडिया पर किया था पोस्ट
जेल से बाहर आने के बाद रजत चौधरी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर रिहाई का वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो में जेल से बाहर आने के दौरान उसके आसपास दोस्त और परिचित नजर आये थे। वीडियो पोस्ट होने के बाद इसे सोशल मीडिया पर लोगों ने तेजी से लाइक और शेयर करना शुरू कर दिया था। अब पढिए पूरा मामला जानिए.… बृजेश सिंह उर्फ छोटू ने बताया था कि- मामले की शुरुआत 10 सितंबर को सोशल मीडिया से शुरू हुई थी। जब बरगदवा के विकास नगर जप्ती टोला के रहने वाले रजत चौधरी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर मेरे वार्ड का वीडियो डालकर मेरी छवि धूमिल करने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा था कि- रजत ने सीएम ग्रिड सड़क योजना के तहत बनाई गई निर्माणाधीन सड़क पर हुए जलजमाव का वीडियो बनाया और मेरे ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। सड़क अभी पूरी बनी नहीं थी। जिसकी वजह से जल निकासी का भी काम चल रहा था, इसी वजह से वहाँ पर पानी लगा रहा होगा। किस तरह के अधूरे वीडियो से जनता में गलत मैसेज गया। जब वीडियो मेरे संज्ञान में आया तो मैने उसके पोस्ट पर कमेंट किया था। कमेंट में लिखा- ‘सड़क का काम चल रहा है सड़क बनने के बाद जलभराव नहीं होगा..…’ लेकिन वो अपनी ही बात पर अड़ा रहा। बात तू तू, मैं मैं तक पहुंच गई। उसने कमेंट मुझे कहा कि 2 थप्पड़ में सूता देंगे जमीन पर। इस कमेंट के बाद मोबाइल पर भी नोकझोंक हुई थी। इसके बाद से मैने शाहपुर थाना में तहरीर दी इसके आधार पर पुलिस ने रजत के ऊपर एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। रिहाई के समय लगा था नारा जेल से बाहर निकलते ही वहां पहले से मौजूद उसके यार-दोस्तों ने मुलाकात की और उसका स्वागत किया था। रजत के जेल से बाहर आने की जानकारी मिलने के बाद उसके परिचित और समर्थक भी जेल के बाहर पहुंच गए थे। जेल से निकलने के बाद रजत के दोस्तों ने नारा लगाया था कि- जेल का ताला टूट गया, दोस्त हमारा छूट गया। दोस्तों का कहना है कि संघर्षों को लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। इसी दौरान गोरखपुर विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ छात्र नेता भी वहां पहुंचे। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले रजत ने विश्वविद्यालय के छात्र नेताओं के साथ एक कार्यक्रम में मंच साझा किया था।
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