राजभाषा पखवाड़े का समापन:राष्ट्रीय शर्करा संस्थान में जयराम जय और दुर्गा बाजपेई ने किया काव्य पाठ
कानपुर के राष्ट्रीय शर्करा संस्थान में राजभाषा पखवाड़े के समापन अवसर पर बुधवार को संस्थान के सभाकक्ष में समारोह आयोजित किया गया। समारोह में वरिष्ठ नवगीतकार जयराम जय और हास्य-व्यंग्य के वरिष्ठ कवि दुर्गा प्रसाद बाजपेई ने काव्य-पाठ किया। दोनों कवियों की प्रस्तुतियों को श्रोताओं ने सराहा। काव्य-पाठ के दौरान जयराम जय ने सवैया छंदों के साथ नवगीत प्रस्तुत किए। उनका नवगीत— "गांवों की चौपालों ने बतियाना छोड़ दिया, इसीलिए तो खुशियों ने मुस्काना छोड़ दिया।"—श्रोताओं के बीच विशेष रूप से सराहा गया। उन्होंने अपने काव्य-पाठ में बदलते सामाजिक परिवेश और गांव-चौपालों की आत्मीयता के क्षरण को गीतात्मक अभिव्यक्ति दी। वहीं दुर्गा प्रसाद बाजपेई ने अपने हास्य-व्यंग्य और शब्दों की चुटीली बाजीगरी से सभाकक्ष में हास्य का वातावरण बना दिया। समारोह में संस्थान की ओर से मुख्य अतिथि डॉ. विनोद त्रिपाठी, कवि जयराम सिंह ‘जय’, कवि दुर्गा प्रसाद बाजपेई तथा राकेन्द्र मोहन तिवारी को सम्मानित किया गया। पखवाड़े के दौरान हुई प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों एवं विजेताओं को पुरस्कार दिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं संस्थान की निदेशक प्रो. सीमा परोहा और डॉ. विनोद त्रिपाठी ने हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग और राजभाषा के रूप में उसके प्रभावी प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया। राजभाषा विभाग की उपनिदेशक मल्लिका द्विवेदी ‘अमिता’ ने कार्यक्रम का संचालन किया। आयोजन में निदेशक के निजी सचिव दयाशंकर मिश्रा की विशेष भूमिका रही। समापन पर मल्लिका द्विवेदी ‘अमिता’ ने अतिथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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