रामपुर में राइस मिलर्स का भुगतान 10 करोड़ फंसा:संगठन ने धान खरीद लक्ष्य पूरा कराने और हित में नीति बनाने की मांग की
रामपुर में राइस मिलर्स के भुगतान का मुद्दा गुरुवार को प्रमुखता से उठा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश राइस मिलर संगठन के प्रदेश महामंत्री एकांश गुप्ता गुरुवार दोपहर करीब एक बजे रामपुर पहुंचे। मिलर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष शानू अली समेत जिला इकाई के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर तीन सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रदेश महामंत्री एकांश गुप्ता ने कहा कि राइस मिलर्स के सामने सबसे बड़ी समस्या भुगतान की है। अकेले रामपुर में मिलर्स का करीब 10 से 12 करोड़ रुपये भुगतान लंबित है। पूरे प्रदेश में यह राशि करीब 500 से 600 करोड़ रुपये है। समय पर भुगतान नहीं मिलने से मिलर्स को बैंक ऋण की किस्तें चुकाने और मिलों का संचालन करने में परेशानी हो रही है। आर्थिक दबाव बढ़ने से कई मिलें बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से निर्धारित धान खरीद का लक्ष्य भी पूरा होना चाहिए। लक्ष्य पूरा नहीं होने से मिलर्स के कारोबार पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि धान खरीद और राइस मिलर्स से जुड़ी नीति बनाते समय उनके हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। यदि नीति में मिलर्स के हितों को शामिल नहीं किया गया तो वे मिलों का संचालन बंद करने और हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे। एकांश गुप्ता ने कहा कि राइस मिल उद्योग से बड़ी संख्या में लोगों का रोजगार जुड़ा है। एक मिल में करीब 200 से 250 कर्मचारी काम करते हैं। मिलों की आर्थिक स्थिति खराब होने का असर कर्मचारियों और उनके परिवारों पर भी पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि रामपुर में पहले करीब 150 राइस मिलें संचालित होती थीं, लेकिन अब लगभग 75 से 80 मिलें ही चल रही हैं।
उन्होंने सरकार से लंबित भुगतान जल्द जारी करने, धान खरीद का निर्धारित लक्ष्य पूरा कराने और राइस मिलर्स के हितों को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट नीति बनाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो मिलर्स आंदोलन और हड़ताल का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
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