135 गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई रिजर्व बैंक ने रद्द किए रजिस्ट्रेशन

भारतीय रिजर्व बैंक ने नियमों का पालन नहीं करने वाली 135 गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द कर दिए हैं। कार्रवाई में सबसे ज्यादा कंपनियां पश्चिम बंगाल की हैं। इससे पहले भी कई कंपनियों पर कार्रवाई की जा चुकी है।

135 गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई रिजर्व बैंक ने रद्द किए रजिस्ट्रेशन

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 12 जून 2026

भारतीय रिजर्व बैंक ने देश में काम कर रही गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय बैंक ने 135 गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द कर दिए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को जारी सूचना में इसकी जानकारी दी और कार्रवाई की पूरी सूची भी जारी की है। गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां ऐसी वित्तीय संस्थाएं होती हैं, जो बैंकों की तरह ही ग्राहकों को कर्ज देने, निवेश करने और अन्य वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराती हैं। इन कंपनियों की गतिविधियों की निगरानी भारतीय रिजर्व बैंक करता है।

नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई

भारतीय रिजर्व बैंक ने यह कदम रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 की धारा 45 आईए के तहत उठाया है। केंद्रीय बैंक के अनुसार जिन कंपनियों के पंजीकरण रद्द किए गए हैं, वे तय वित्तीय मानकों और नियमों का पालन नहीं कर रही थीं। इन कंपनियों का काम कर्ज देना, लीजिंग, निवेश और अन्य वित्तीय गतिविधियों से जुड़ा हुआ था। पंजीकरण रद्द होने के बाद ये कंपनियां अब नई वित्तीय गतिविधियां संचालित नहीं कर पाएंगी।

पश्चिम बंगाल की कंपनियां सबसे ज्यादा

भारतीय रिजर्व बैंक की सूची के अनुसार कार्रवाई की गई ज्यादातर गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों का पंजीकृत कार्यालय पश्चिम बंगाल में था। रद्द किए गए पंजीकरण वाली कंपनियों में एक्सप्रेस फिनकैप हाउस, अक्षय फिस्कल सर्विसेज, टाइम्स फाइनेंस, जुपिटर प्रोजेक्ट्स, जुपिटर फिनवेस्ट, एसेल फाइनेंस बिजनेस लोन्स और सिटीवाइड फाइनेंशियल सर्विसेज जैसी कंपनियां शामिल हैं।

13 कंपनियों ने खुद लौटाए प्रमाणपत्र

भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक 13 गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने खुद अपना पंजीकरण प्रमाणपत्र वापस कर दिया है। इन कंपनियों ने गैर बैंकिंग वित्तीय कारोबार छोड़ने का फैसला किया है। इनमें जे थॉमस फाइनेंस, इकोन सुपर सेल्स, हितेशा फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट, टिनवेली टुटिकोरिन इन्वेस्टमेंट्स, कार्नेक्स विनिमय और इम्पैक्ट लीजिंग जैसी कंपनियां शामिल हैं।

अब नहीं दे सकेंगी वित्तीय सेवाएं

पंजीकरण रद्द होने के बाद संबंधित कंपनियां आम लोगों से नई जमा राशि स्वीकार नहीं कर पाएंगी। इसके अलावा ये कंपनियां कर्ज देने या अन्य वित्तीय सेवाएं भी उपलब्ध नहीं करा सकेंगी। कार्रवाई वाली सूची में कैस्पियन इम्पैक्ट इन्वेस्टमेंट्स, हरि दर्शन सेल्स, आइवरी कंसल्टेंट्स, एसकेए कंसल्टेंसी सर्विसेज, त्रिशिता मैनेजमेंट और सुबन ट्रेड्स जैसी कंपनियों के नाम भी शामिल हैं।

मई में भी हुई थी बड़ी कार्रवाई

भारतीय रिजर्व बैंक ने इससे पहले मई महीने में भी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई की थी। उस दौरान करीब 150 कंपनियों के पंजीकरण रद्द किए गए थे। मई की कार्रवाई में भी सबसे ज्यादा कंपनियां पश्चिम बंगाल और दिल्ली की थीं। पश्चिम बंगाल की करीब 75 और दिल्ली की लगभग 67 कंपनियों पर कार्रवाई की गई थी। भारतीय रिजर्व बैंक का कहना है कि वित्तीय व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और ग्राहकों के हितों की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन नहीं करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है