सोने की चमक पड़ी फीकी छह महीने में सबसे सस्ता

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। छह महीने के निचले स्तर पर पहुंचे सोने के भाव ने निवेशकों और खरीदारों का ध्यान खींचा है। महंगाई और ब्याज दरों की चिंता को गिरावट की बड़ी वजह माना जा रहा है।

सोने की चमक पड़ी फीकी छह महीने में सबसे सस्ता

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 12 जून 2026

सोने की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। घरेलू बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सोने के भाव कमजोर हुए हैं। गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना पिछले छह महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। कीमतों में आई इस गिरावट ने निवेशकों और आम खरीदारों के बीच चर्चा बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की हाजिर कीमत 21 नवंबर के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। सोने का भाव गिरकर करीब 4,022 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक आ गया। वहीं डिलीवरी वाले सोने की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई। सोने की कीमतों पर कई वैश्विक कारणों का असर पड़ रहा है। अमेरिका में बढ़ती महंगाई, ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता और मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण बाजार में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

घरेलू बाजार में भी गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ भारतीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली है। घरेलू वायदा बाजार में गुरुवार को कारोबार शुरू होते ही सोने के भाव में गिरावट आई। वहीं चांदी की कीमतों में भी बड़ी कमी दर्ज की गई। चांदी के भाव में करीब पांच हजार रुपये तक की गिरावट देखने को मिली। इसके साथ ही चांदी अपने सबसे ऊंचे स्तर से काफी नीचे आ गई है।

सोने की कीमत गिरने की बड़ी वजह

सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण महंगाई और ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंता मानी जा रही है। अमेरिका में महंगाई दर तीन साल के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। इसके अलावा ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी ने भी महंगाई का दबाव बढ़ाया है। आमतौर पर सोने को महंगाई के समय सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन जब ब्याज दरें बढ़ने की संभावना होती है तो सोने पर दबाव बढ़ जाता है क्योंकि निवेशक दूसरे विकल्पों की ओर आकर्षित होते हैं।

मध्य पूर्व तनाव का असर

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और तेल की कीमतों में उछाल का असर भी बाजार पर पड़ा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ने की आशंका बनी हुई है। इसी वजह से सोने की कीमतों में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

क्या खरीदारी का मौका है

सोने की कीमतों में आई गिरावट कुछ निवेशकों के लिए खरीदारी का अवसर बन सकती है। हालांकि निवेशकों को बाजार की स्थिति, वैश्विक घटनाक्रम और आगे की कीमतों को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए। फिलहाल सोने की चमक भले ही थोड़ी फीकी पड़ी है, लेकिन वैश्विक आर्थिक हालात और महंगाई के रुख पर इसकी कीमतों की आगे की दिशा निर्भर करेगी।