रिटायरमेंट के बाद फिर छात्र बने बुजुर्ग:कोई 15 किमी बाइक चलाकर आता है तो किसी को पोता कहता है- बाबा, आप अभी भी स्कूल जाते हैं
उम्र 70 साल है, लेकिन सुबह होते ही फिर से छात्र की तरह तैयार होकर बाइक उठाते हैं। करीब 15 किलोमीटर का सफर तय कर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय पहुंचते हैं। क्लास में बैठकर पढ़ते हैं, नोट्स बनाते हैं और होमवर्क भी करते हैं। यह कहानी सुरेंद्र कुमार द्विवेदी की है, जो अरुणाचल प्रदेश में हाई सेकेंडरी स्तर पर लेक्चरर रह चुके हैं। नौकरी से रिटायर होने के बाद उन्होंने आराम की जिंदगी चुनने के बजाय अपनी अधूरी पढ़ाई की इच्छा पूरी करने का फैसला किया। सुरेंद्र कुमार की तहर ही अरंविंद कुमार और विनय कुमार भी कुछ नया सीखने और अपने सयम का सुदुपयोग करने के लिए फिर से दीनदयाल कौशल केंद्र पढ़ाई कर एक बार फिर से छात्र जीवन जी रहे है। 70 की उम्र में छठे सेमेस्टर में पहुंचे सुरेंद्र बताते हैं कि घर में हमेशा पूजा-पाठ का माहौल रहा। वे खुद भी पूजा-पाठ कराते रहे, लेकिन संस्कृत और कर्मकांड का व्यवस्थित अध्ययन करने का मौका नहीं मिला। नौकरी के बाद जब समय मिला तो उन्होंने इसी अधूरी इच्छा को पूरा करने के लिए ज्योतिष एवं कर्मकांड की पढ़ाई शुरू कर दी। छह सेमेस्टर के इस कोर्स में अब उनका छठा सेमेस्टर चल रहा है। परिस्थितियां पढ़ाई में बाधा डालती हैं, लेकिन उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। कोर्स पूरा होने के बाद उन्हें शास्त्री की डिग्री मिलेगी। 64 साल के विनय बोले- जीवन आराम करने के लिए नहीं 64 वर्षीय विनय कुमार भी रिटायरमेंट के बाद छात्र बन गए। यूपी कॉलेज से एमएससी करने के बाद उन्होंने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में सेवा की और रिटायर हुए। इसके बाद ज्योतिष एवं कर्मकांड में दाखिला लिया। उनके लिए क्लास में आना सिर्फ पढ़ाई नहीं है। कहते हैं कि इससे समय भी अच्छे से बीतता है और नया ज्ञान भी मिलता है। एमएससी की पढ़ाई होने के कारण ज्योतिष में आने वाले गणितीय हिस्से को समझने में भी उन्हें मदद मिलती है। अरविंद बोले- युवा नौकरी के लिए पढ़ रहे, हम ज्ञान के लिए 64 वर्षीय अरविंद कुमार उपाध्याय यूपी के परिवहन विभाग में फोरमैन के पद पर सेवा दे चुके हैं। ज्योतिष पढ़ने की इच्छा पहले से थी, लेकिन नौकरी के दौरान मौका नहीं मिला। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने कौशल केंद्र में दाखिला ले लिया। अरविंद कहते हैं, “युवा नौकरी करने के लिए पढ़ रहे हैं और हम ज्ञान अर्जित करने के लिए पढ़ रहे हैं।” क्लास में फोन आया तो पोते ने पूछा- बाबा, अभी भी स्कूल जाते हो? अरविंद के तीन बेटे और पोते-पोतियां हैं। क्लास के दौरान कई बार पोते का फोन आ जाता है। अरविंद बताते हैं कि जब वे कहते हैं कि अभी क्लास चल रही है तो पोता हंसकर कहता है- “बाबा, आप अभी भी पढ़ रहे हैं? अभी स्कूल जाते हैं?” अरविंद कहते हैं कि बच्चों को यह सुनकर खुशी होती है कि उनके बाबा रिटायर होने के बाद भी पढ़ाई कर रहे हैं। 10 वरिष्ठ नागरिक कर रहे पढ़ाई संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के दीनदयाल उपाध्याय कौशल केंद्र में वर्तमान में 10 वरिष्ठ नागरिक ज्योतिष की पढ़ाई कर रहे हैं। वर्ष 2023 से अब तक 8 वरिष्ठ नागरिक अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। कौशल केंद्र की स्थापना वर्ष 2016 व्यावसायिक एवं कौशल प्रशिक्षण देने के लिए हुई थी।
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