भाई की मौत पर रौशन के गंभीर आरोप

पटना कोचिंग विवाद में जेल से जमानत पर रिहा हुए रौशन आनंद ने अपने भाई प्रिंस यादव की मौत को साजिश बताते हुए फैजल खान और एक कारोबारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मामले में नार्को टेस्ट और निष्पक्ष जांच की मांग की है। दूसरी ओर फैजल खान ने आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उच्चस्तरीय जांच का समर्थन किया है।

भाई की मौत पर रौशन के गंभीर आरोप

दि राइजिंग न्यूज़ | पटना | 16 जून 2026

जेल से रिहा होने के बाद लगाए गंभीर आरोप

पटना के चर्चित कोचिंग विवाद में जेल से जमानत पर रिहा हुए रौशन आनंद ने अपने भाई प्रिंस यादव की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। सहरसा पहुंचकर उन्होंने कहा कि उनके भाई की मौत सामान्य घटना नहीं बल्कि एक सुनियोजित साजिश का परिणाम है। रौशन आनंद ने आरोप लगाया कि उनके भाई की हत्या करवाई गई है और इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित लोगों के नार्को टेस्ट की मांग भी उठाई।

भाई की मौत को बताया साजिश

रौशन आनंद ने कहा कि उनके भाई प्रिंस यादव की मौत के पीछे बड़ी साजिश हो सकती है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कुछ व्यक्तियों का नाम लेते हुए उन पर संदेह जताया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए सभी संभावित पहलुओं की जांच आवश्यक है। उनके अनुसार परिवार न्याय की उम्मीद कर रहा है और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

समर्थकों से इंसाफ की लड़ाई में साथ देने की अपील

सहरसा में अपने संबोधन के दौरान रौशन आनंद भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि उनके भाई की मौत ने परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है। उन्होंने अपने समर्थकों से न्याय की लड़ाई में साथ देने की अपील करते हुए कहा कि सच सामने लाने के लिए कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।

फैजल खान ने जताया शोक

दूसरी ओर फैजल खान ने पहले जारी एक वीडियो संदेश में प्रिंस यादव की मौत पर दुख व्यक्त किया था। उन्होंने घटना को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। फैजल खान ने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की जांच होनी चाहिए ताकि वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकें।

निष्पक्ष जांच की उठी मांग

फैजल खान ने जांच एजेंसियों से अपील की थी कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से पड़ताल की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी साजिश या अन्य कोण की संभावना है तो उसे भी जांच के दायरे में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहयोग देने की बात भी कही।

कोचिंग परिसर में जुटे छात्र और समर्थक

जेल से रिहा होने के बाद जब रौशन आनंद पटना स्थित अपनी कोचिंग संस्था ज्ञान बिंदु एकेडमी पहुंचे तो वहां बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक मौजूद थे। समर्थकों ने उनका स्वागत किया और उनके पक्ष में नारे लगाए। इस दौरान परिसर के बाहर काफी भीड़ देखी गई और माहौल राजनीतिक तथा सामाजिक चर्चा का केंद्र बन गया।

छात्रों ने जताया समर्थन

ज्ञान बिंदु एकेडमी के बाहर मौजूद छात्रों ने रौशन आनंद के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। कई छात्रों ने कहा कि वे न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखते हैं और मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं। रौशन आनंद ने भी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर विश्वास है और समय के साथ सच्चाई सामने आएगी।

क्या है पूरा कोचिंग विवाद

इस विवाद की शुरुआत जून के पहले सप्ताह में हुई घटनाओं के बाद हुई थी। आरोपों और प्रत्यारोपों के बीच पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। शिकायत के आधार पर रौशन आनंद समेत कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

प्रिंस यादव की मौत से बढ़ा मामला

इसी बीच नेपाल में रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया। मौत के कारणों को लेकर अभी भी कई सवाल बने हुए हैं। परिजन, समर्थक और विभिन्न सामाजिक संगठन निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

फिलहाल मामले की जांच जारी है और संबंधित एजेंसियां विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। राज्य भर में इस मामले को लेकर चर्चा बनी हुई है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं, जिससे प्रिंस यादव की मौत और कोचिंग विवाद से जुड़े सवालों के जवाब सामने आ सकें।