सचिन सिरोही बोले- मेरी हत्या हुई तो अफसर होंगे जिम्मेदार:प्रेसवार्ता कर जताया जान का खतरा, कहा- छह साल तक झेला उत्पीड़न, देवबन्द की साजिश
मेरठ में अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अपने आवास पर बुलाई प्रेसवार्ता में सचिन ने दावा किया कि देवबंद से उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है और उनके घर की रेकी की जा रही है। उन्होने कहा कि यदि उनकी हत्या होती है तो इसके लिए जिले के डीएम, एसएसपी, डीआईजी, एडीजी समेत वह अधिकारी जिम्मेदार होंगे जो उनके आरोप के मुताबिक मुस्लिम नेताओं को खुश करने के लिए उन पर मुकदमे दर्ज करा रहे हैं और उनका उत्पीड़न कर रहे हैं। हिंदूवादी नेता सचिन सिरोही ने साफ कहा कि वह पिछले छह साल से उत्पीड़न झेल रहे हैं और हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। इसी वजह से कुछ अधिकारी उनसे नाराज हैं। उन पर लगातार मुक़दमे दर्ज कराये जा रहे हैं और हत्या की कोशिश हो रही है। केसरगंज की लड़ाई हिंदुत्व की लड़ाई
सचिन सिरोही ने केसरगंज मस्जिद विवाद को भी हिंदुत्व से जुड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि विवाद बढ़ने के दौरान हिंदू समाज के लोगों ने उनसे संपर्क किया था, लेकिन वह उस समय मौके पर नहीं गए। उनका दावा है कि विवाद शांत होने के बाद वह वहां पहुंचे और अगले दिन जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। सचिन का आरोप है कि इसके बाद करीब 15 दिन तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मौके पर नहीं था, फिर भी मुकदमा कर दिया
सचिन ने आरोप लगाया कि केसरगंज प्रकरण में उन्हें सोची-समझी साजिश के तहत मुकदमे में फंसाया गया। उन्होंने कहा कि जिस समय हनुमान चालीसा पढ़ने का ऐलान हुआ, वह मौके पर मौजूद नहीं थे। इसके बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। उनका दावा है कि उन पर वीडियो वायरल करने का आरोप लगाया गया, जबकि वह मुख्यमंत्री को लगातार विभिन्न घटनाओं के वीडियो भेजते रहे हैं। ऐलान किसी का, नजर बंद कोई और
सचिन ने कहा कि हिंदू रक्षा दल के पिंकी चौधरी ने केसरगंज मस्जिद के बाहर हनुमान चालीसा पाठ का ऐलान किया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर दिया। अगले दिन तक उन्हें नजर बंद रखा गया और फिर उन्हीं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया। यह केवल दबाव की साजिश है लेकिन वह डरने वाले नहीं है और अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। सचिन ने पूछा- दूसरों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
सचिन ने आसपा नेता बदर अली, AIMIM नेता इमरान अंसारी और बसपा नेता राशिद अखलाक का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि धारा 144 के उल्लंघन के बावजूद उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई, जबकि यह लोग उन्हें निशाना बना रहे हैं। उन्होंने इसे प्रशासन की दोहरी कार्रवाई बताया। मुस्लिम नेताओं को तवज्जो, चुनाव से जुड़ा है मामला
सचिन सिरोही ने आरोप लगाया कि जिले के अधिकारी मुस्लिम नेताओं को तवज्जो दे रहे हैं और हिंदू पक्ष की शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने इस कथित रवैये को आगामी चुनाव से जोड़ते हुए कहा कि इसके पीछे राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनाव में रोकने की साजिश कर रहे हैं। सीएम से मिलकर पूरा मामला बताऊंगा
सचिन ने कहा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी देंगे। वह मुख्यमंत्री को बताएंगे कि किस तरह उनके अनुसार अधिकारी उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। सचिन का दावा है कि उनकी हत्या के लिए देवबन्द से फंडिंग हो गई है और उनके घर की रेकी कराई जा रही है। वह जान जोखिम में डालकर हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों की लड़ाई लड़ रहे हैं और इसके बावजूद उनकी सुरक्षा को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं हैं।
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