SGPGI में लिवर ट्रांसप्लांट के बाद मरीज को मिली छुट्टी:लोहिया में ब्रेन डेड मरीज से मिला था लिवर, 30 अगस्त को किया था ट्रांसप्लांट
SGPGI में लिवर ट्रांसप्लांट के बाद 32 वर्षीय मरीज की हालत में सुधार होने पर गुरुवार को उसे छुट्टी दे दी गई। मरीज को 30 अगस्त को लिवर ट्रांसप्लांट किया गया था। यह लिवर लोहिया संस्थान में ब्रेन डेड घोषित मरीज के अंगदान से मिला था। लोहिया संस्थान में भर्ती बाराबंकी निवासी 35 वर्षीय मनुज मिश्रा को घर में नहाते समय गिरने के बाद अस्पताल लाया गया था। जांच में ब्रेन हेमरेज की पुष्टि हुई। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित किया। इसके बाद परिजनों ने अंगदान का फैसला लिया। एक लिवर और दो किडनी से तीन मरीजों को मिली जिंदगी मनुज मिश्रा का एक गुर्दा लोहिया संस्थान में एक महिला मरीज को ट्रांसप्लांट किया गया। वहीं दूसरा गुर्दा SGPGI में एक महिला मरीज को लगाया गया। उनका लिवर SGPGI में भर्ती 32 वर्षीय युवक को ट्रांसप्लांट किया गया। SGPGI में पिछले दो साल में तीन जीवित दाताओं और दो ब्रेन डेड दाताओं से लिवर ट्रांसप्लांट किए गए हैं। इस दौरान तीन ब्रेन डेड मरीजों के अंग ट्रांसप्लांट के लिए निकाले भी गए। लिवर ट्रांसप्लांट नोडल अधिकारी डॉ.सुप्रिया शर्मा के निर्देशन में गैस्ट्रो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ.अनु, डॉ.राहुल सिंह, डॉ.प्रदीप और डॉ.सारंगी की टीम ने ट्रांसप्लांट किया। मरीज को छुट्टी मिलने पर SGPGI निदेशक डॉ.आरके धीमन ने पूरी टीम को बधाई दी।
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