शामली में पेंशनरों का धरना:8वें वेतन आयोग में पुराने पेंशनरों को शामिल करने की मांग, 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा
शामली में मंगलवार सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन ने कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। पेंशनरों ने एक जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को भी 8वें वेतन आयोग के दायरे में शामिल करने समेत 12 मांगें उठाईं। प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजकर मांगों के समाधान की मांग की गई। पुराने पेंशनरों को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि आठवें वेतन आयोग की घोषणा के बाद पुराने पेंशनरों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इससे पेंशनरों में असंतोष है। संगठन का कहना है कि पिछले वेतन आयोगों में कर्मचारियों और पेंशनरों के बीच इस तरह का विभाजन नहीं किया गया था। वित्त विधेयक 2025 में तिथि के आधार पर किए गए विभेद को खत्म कर पुराने पेंशनरों की पेंशन का भी पुनरीक्षण करने की मांग की गई। पुरानी पेंशन बहाली समेत कई मांगें ज्ञापन में पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, पेंशन को आयकर से मुक्त करने, 65 वर्ष की उम्र के बाद हर पांच साल में 5 प्रतिशत पेंशन बढ़ाने और पेंशन राशिकरण की कटौती 10 साल में बंद करने की मांग की गई। इसके अलावा कोरोना काल के 18 महीने के डीए/डीआर एरियर का भुगतान करने की मांग भी रखी गई। महंगाई भत्ता मूल पेंशन में मर्ज करने की मांग पेंशनरों ने कहा कि महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल पेंशन में मर्ज किया जाए। वेतन आयोग की प्रक्रिया में देरी को देखते हुए कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों को अंतरिम राहत देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई। रेल किराये में छूट और 10 लाख तक कैशलेस इलाज की मांग पेंशनरों ने वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में 50 प्रतिशत छूट देने और आयुष्मान भारत में कैशलेस उपचार की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपए करने की मांग की। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिक आयोग के गठन की मांग भी उठाई गई। हस्ताक्षर याचिकाएं पहले भी भेजीं संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि मांगों को लेकर पहले भी प्रधानमंत्री कार्यालय तक हस्ताक्षर याचिकाएं भेजी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि संगठन गैरराजनीतिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है। प्रदर्शन के बाद ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया।
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