सहारनपुर में कांग्रेस की किसान न्याय यात्रा:संजीव आर्य बोले-राहुल गांधी मन की नहीं, आम लोगों के दिल की बात सुनते हैं
सहारनपुर के बेहट में किसानों की समस्याओं और उनकी मांगों को लेकर कांग्रेस ने किसान न्याय यात्रा निकाली। जिला कांग्रेस अध्यक्ष संदीप सिंह राणा और महानगर कांग्रेस अध्यक्ष मनीष त्यागी के संयुक्त नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता खालसा कॉलोनी स्थित संत रविदास मंदिर में एकत्र हुए। कांग्रेस कार्यकर्ता पैदल मार्च कर बेहट तहसील पहुंचे। राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। किसान न्याय यात्रा में शामिल होने के लिए बेहट पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं यूपी के सह-प्रभारी संजीव आर्य ने सबसे पहले खालसा कॉलोनी स्थित संत रविदास मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने संत रविदास का आशीर्वाद लिया और प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद उन्होंने किसान न्याय यात्रा में शामिल कांग्रेसजनों को संबोधित किया। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं उत्तर प्रदेश के सह-प्रभारी संजीव आर्य ने राहुल गांधी को लेकर कहा कि वे अपने मन की बात करने के बजाय आम लोगों के दिल की बात सुनते हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए संघर्ष करना ही राहुल गांधी को 'जननायक' बनाता है। उन्होंने कहा-राहुल गांधी आज देश के सर्वाधिक प्रिय जननायक और नेता हैं, क्योंकि राहुल जी अपने मन की बात नहीं करते, बल्कि आम लोगों के दिल की बात सुनकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करने वाली भाजपा सरकार के कार्यकाल में किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई, जबकि किसानों का कर्ज कई गुना बढ़ गया। उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के धनाढ्य मित्रों की संपत्तियों में भी बड़े स्तर पर वृद्धि हुई है। MSP की गारंटी और किसानों की कर्जमाफी की मांग संजीव आर्य ने यूपी के किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP की कानूनी गारंटी की मांग की। साथ ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान घोषित 72 हजार करोड़ रुपए की कृषि ऋण माफी का हवाला देते हुए उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए कर्जमाफी की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को लेकर राहुल गांधी का संघर्ष नया नहीं है। उनके मुताबिक, कांग्रेस की सरकार के समय भट्टा पारसौल से किसानों के हित में जो आंदोलन और संघर्ष शुरू हुआ था, वो आज भी जारी है। भूमि अधिग्रहण को लेकर कांग्रेस ने गिनाए अपने दावे संजीव आर्य ने कांग्रेस और भाजपा की नीतियों में अंतर बताते हुए कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किसानों की आवाज उठाते हुए भूमि अधिग्रहण के बदले किसानों को सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा दिलाने की व्यवस्था का समर्थन किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र में सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने भूमि अधिग्रहण कानून में बदलाव कर इसे कमजोर करने का प्रयास किया। आर्य के मुताबिक, राहुल गांधी और कांग्रेस के विरोध के कारण सरकार को पीछे हटना पड़ा। उन्होंने तीन कृषि कानूनों का भी उल्लेख किया। आर्य ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा तीन कृषि कानून लागू किए जाने के खिलाफ किसानों ने लंबा संघर्ष किया। केंद्र सरकार को उन कानूनों को वापस लेना पड़ा। किसानों का दमन और शोषण भाजपा की संस्कृति जिला कांग्रेस अध्यक्ष संदीप सिंह राणा ने भाजपा पर किसानों के दमन और शोषण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून को कमजोर करने के प्रयास से लेकर तीन कृषि कानूनों तक किसानों के हितों को प्रभावित करने वाले फैसले लिए गए। संदीप राणा ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया गया था, लेकिन उनके मुताबिक किसानों की आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और किसानों का कर्ज बढ़ गया। उन्होंने गन्ना किसानों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। राणा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने गन्ने का भुगतान समय पर कराने का वादा किया था, लेकिन किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि चीनी मिलों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से चीनी के दाम बढ़ाए गए, जबकि किसानों को उनके गन्ने का उचित मूल्य और समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है। एक हजार रुपए प्रति क्विंटल गन्ने के भाव की मांग संदीप राणा ने मौजूदा पेराई सीजन में किसानों के गन्ने का मूल्य बढ़ाकर एक हजार प्रति क्विंटल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों की लागत लगातार बढ़ रही है और ऐसे में गन्ने का लाभकारी मूल्य तय किया जाना जरूरी है। बीज से खाद तक किसान कर रहा संघर्ष कांग्रेस नेता हमजा मसूद ने किसानों की मौजूदा स्थिति के लिए भाजपा सरकारों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है, लेकिन किसानों को आज भी खेती के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को बीज से लेकर रासायनिक खाद तक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। मसूद ने आरोप लगाया कि रासायनिक खाद के कट्टों में खाद की मात्रा कम किए जाने से किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। बुवाई से बाजार तक किसान परेशान महानगर कांग्रेस अध्यक्ष मनीष त्यागी ने कहा कि देश का किसान फसल की बुवाई से लेकर उसे बाजार में बेचने तक कई स्तरों पर परेशान होता है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं पर सरकार का पर्याप्त ध्यान नहीं है। त्यागी ने आरोप लगाया कि कई बार ऐसा प्रतीत होता है कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारें किसानों के सरोकारों से दूर हैं और किसानों के हितों की तुलना में बड़े औद्योगिक घरानों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।
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