शिव शरण मिश्रा की चित्रकला प्रदर्शनी 'अनकहा' का आयोजन:रंगों से जीवंत हुईं मौन संवेदनाएं, प्रकृति और आध्यात्मिकता की झलक दिखी
कानपुर में कला और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित चित्रकला प्रदर्शनी ‘अनकहा’ का आयोजन रविवार शाम को गुरुकुल आर्ट गैलरी में किया गया। कला सागर नाट्य समिति के संस्थापक शिव शरण मिश्रा की चित्रकृतियों ने दर्शकों को रंगों, भावनाओं और प्रकृति की खूबसूरती से रूबरू कराया। प्रदर्शनी में घाटों की सुनहरी आभा, बहती नदी, नौकाओं, प्राचीन स्थापत्य और मन की मौन संवेदनाओं को कैनवास पर खूबसूरती से उकेरा गया। इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में दीपा पाठक और अजय पाठक उपस्थित रहे। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और शिव शरण मिश्रा की कलाकृतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रदर्शनियां शहर की कला और संस्कृति को नई ऊर्जा प्रदान करती हैं। साथ ही युवा पीढ़ी को रचनात्मकता और सृजन के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। प्रदर्शनी का शीर्षक ‘अनकहा’ अपने आप में विशेष अर्थ समेटे हुए है। चित्रों के माध्यम से कलाकार ने उन भावनाओं को अभिव्यक्त करने का प्रयास किया, जिन्हें शब्दों में बयां करना कठिन होता है। रंगों और आकृतियों के संयोजन से तैयार कृतियों में प्रकृति, आध्यात्मिकता और मानवीय संवेदनाओं की झलक देखने को मिली। उल्लेखनीय है कि शिव शरण मिश्रा ने वर्ष 1986 में कला सागर नाट्य समिति की स्थापना की थी। वह लगभग चार दशकों से रंगमंच और चित्रकला के माध्यम से कानपुर की सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध करने में योगदान दे रहे हैं। इस कार्यक्रम का संयोजन अध्यात्म शिवम झा ने किया, जबकि प्रदर्शनी की क्यूरेटर नेहा मिश्रा रहीं। इस अवसर पर सचिव आर.एस. पाण्डेय, प्रो. अभय द्विवेदी, डॉ. भावना मिश्रा, ईशा मिश्रा और प्रदर्शक अभिनय प्रताप सिंह सहित अनेक कला प्रेमी उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने गुरुकुल आर्ट गैलरी और संस्थापक अभय मस्साब के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में सहयोग के लिए गोलू को भी धन्यवाद दिया गया।
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