श्रद्धालुओं की बस रोककर सरकारी गाड़ी में वसूली:RTO ने अपने ही अफसर के निजी ड्राइवर पर FIR कराई, फिर बोले- चालान की थी रकम
प्रयागराज के संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की बस रोककर कथित रूप से वसूली करने का वीडियो वायरल होने के मामले में दारागंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई। यह एफआईआर आरटीओ प्रवर्तन सत्येंद्र प्रकाश सिंह की ओर से दर्ज कराई गई। चौंकाने वाली बात यह रही कि एफआईआर कराने वाले अफसर ने ही बुधवार को यह भी कहा कि सरकारी गाड़ी में बैठा व्यक्ति यात्री कर अधिकारी का निजी ड्राइवर है। यह भी बताया कि वह जो पैसे गिनता नजर आ रहा है, वह चालान की राशि थी। उनके इस बयान को लेकर अब तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। एक दिन पहले सामने आया था वीडियो
यह वीडयो एक दिन पहले सामने आया था। कथित रूप से यह वीडियो संगम क्षेत्र का बताया गया। इसमें उत्तर प्रदेश सरकार लिखी एक बोलेरो में पीछे की सीट पर बैठा व्यक्ति कैश गिनता नजर आता है। जबकि दरवाजे के विंडो पर एक व्यक्ति खड़ा नजर आता है। नोट गिनने के बाद गाड़ी में बैठा व्यक्ति 'ठीक है' कहता है और इसके बाद कार के दरवाजे की विंडो से भीतर झांक रहा व्यक्ति चला जाता है। इसी गाड़ी के ठीक पीछे दो बसें भी खड़ीं नजर आती हैं जिनके यात्री बाहर खड़े नजर आते हैं। कार में लाल-नीली बत्ती के साथ हूटर
वीडियो में जो गाड़ी नजर आती है, उस पर लाल-नीली बत्ती के साथ हूटर भी लगा हुआ था। बाद में यह बात सामने आई कि यह वाहन आरटीओ के यात्री कर अधिकारी रणविजय सिंह चौहान को आवंटित है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने के साथ यह भी आरोप लगाया गया कि स्लीपर बस में सवार होकर एमपी के सतना से श्रद्धालुओं का जत्था पिंडदान के लिए संगम आया था। वहां से लौटते वक्त ही उन्हें रास्ते में रोककर वसूली की गई। वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति पर FIR
उधर वीडियो वायरल होने के बाद मंगलवार शाम ही इस मामले में कर्नलगंज थाने में तहरीर दी गई। यह तहरीर आरटीओ प्रवर्तन सत्येंद्र प्रकाश सिंह की ओर से दी गई। इसमें वायरल वीडियो का हवाला देते हुए बताया गया कि पुष्पेंद्र सिंह नाम का निजी व्यक्ति यात्रीकर/मालकर अधिकारी रणविजय सिंह चौहान को आवंटित सरकारी वाहन संख्या UP 32 FG 3603 में बैठकर नकदी गिन रहा था। तहरीर में वीडियो को सोशल मीडिया पर रिश्वत की रकम के रूप में प्रसारित किए जाने का उल्लेख किया गया। रात 11:30 बजे के करीब इस मामले में आरोपी पुष्पेंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। आरटीओ बोले- यात्री कर अधिकारी का निजी ड्राइवर
इस बाबत जब एआरटीओ प्रवर्तन से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यात्री कर अधिकारी के वाहन में दिखाई दे रहा पुष्पेंद्र सिंह उनका निजी ड्राइवर है। प्रारंभिक जांच में यह बात पता चली है कि वह जो पैसे गिन रहा है, वह चालान की राशि है। हालांकि जब उनसे यह पूछा गया कि अगर वह चालान की राशि थी तो एफआईआर क्यों कराई गई तो वह गोलमोल जवाब देने लगे। कहा कि इस बारे में देखा जा रहा है। कार्रवाई से लेकर जवाब तक, सब सवालों में
इस प्रकरण में की गई कार्रवाई से से लेकर अफसर के जवाब तक सब सवालों के घेरे में है। पहला सवाल यह है कि अगर यह चालान की राशि थी, तो यात्री कर अधिकारी का निजी ड्राइवर इस राशि को कैसे वसूल रहा था। सवाल यह भी है कि उस समय गाड़ी में अफसर क्यों नहीं थे। किसके कहने या आदेश पर वह सरकारी जुर्माने की राशि को अपने हाथों में लेकर गिन रहा था। दूसरा सवाल यह भी है कि अगर यह चाालान की राशि थी तो फिर एफआईआर क्यों दज कराई गई। विभाग चला रहा स्लीपर बसों के खिलाफ अभियान
दरअसल, नोएडा में स्लीपर बस में आग लगने की दर्दनाक घटना के बाद परिवहन विभाग की ओर से स्लीपर बसों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना ही इस अभियान का उद्देश्य है। इसी क्रम में प्रयागराज में भी स्लीपर बसों की जांच पड़ताल की जा रही है। इनमें बड़ी संख्या में वह बसें भी हैं जिनमें दूसरे प्रदेशों के श्रद्धालु या पर्यटक यहां आते हैं। पुलिस ने शुरू की जांच
कर्नलगंज थाना प्रभारी हरिकेश राय ने बताया, एफआईआर दर्ज कर ली गई है। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान, सरकारी वाहन में निजी व्यक्ति की मौजूदगी और रुपये दिए जाने की पूरी परिस्थितियों की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी जांच का विषय होगा कि वीडियो में दिखाई दे रही रकम वास्तव में किस मद में ली गई थी।
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