संभल में संविदा एएनएम का धरना चौथे दिन भी जारी:10-12 साल से कार्यरत, समान कार्य-समान वेतन की उठी आवाज
सम्भल के बहजोई जिला मुख्यालय स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पर विभिन्न मांगों को लेकर संविदा एएनएम का धरना-प्रदर्शन गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रहा। 50 से अधिक संविदा एएनएम चार दिन से धरने पर बैठकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रही हैं। एएनएम ने शासन से समान कार्य के लिए समान वेतन, स्थायीकरण, मानदेय में वृद्धि, स्थानांतरण और अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह सुविधाएं दिए जाने की मांग की। धरने में शामिल एएनएम शशि पाल ने बताया कि वह और अन्य एएनएम लंबे समय से संविदा पर स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रही हैं। कई कर्मचारियों को संविदा पर काम करते हुए 10 से 12 वर्ष बीत चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें अभी तक स्थायी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि संविदा एएनएम से स्थायी कर्मचारियों की तरह ही कार्य लिया जाता है। कई बार काम का दबाव भी अधिक रहता है, लेकिन वेतन और सुविधाओं में काफी अंतर है। कर्मचारियों को स्थायी किए जाने की मांग उन्होंने समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने के साथ लंबे समय से सेवा दे रहे संविदा कर्मचारियों को स्थायी किए जाने की मांग की। एएनएम स्वाती वार्ष्णेय ने बताया कि संविदा कर्मचारियों को करीब 10 हजार रुपये के मानदेय में 15-15 हजार की आबादी वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। मानदेय में वृद्धि किए जाने की मांग सीमित मानदेय में क्षेत्र की बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मचारियों को भी स्वास्थ्य सुविधाएं, आकस्मिक अवकाश (सीएल) और अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह छुट्टियां मिलनी चाहिए। साथ ही मानदेय में वृद्धि किए जाने की मांग की। पारिवारिक परेशानियों का सामना एएनएम ने दूर-दराज के क्षेत्रों में तैनात महिला कर्मचारियों के स्थानांतरण की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि कई कर्मचारी लंबे समय से अपने बच्चों और परिवार से दूर रहकर ड्यूटी कर रही हैं। स्थानांतरण नहीं होने के कारण उन्हें पारिवारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने स्थानांतरण की स्पष्ट व्यवस्था लागू करने की मांग की।
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