सोनम वांगचुक को मिला कांग्रेस का साथ, पवन खेड़ा पहुंचे जंतर-मंतर

पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर राजनीतिक समर्थन लगातार बढ़ता जा रहा है। आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और शिवसेना के बाद अब कांग्रेस भी उनके समर्थन में उतर आई है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने जंतर-मंतर पहुंचकर वांगचुक से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।

सोनम वांगचुक को मिला कांग्रेस का साथ, पवन खेड़ा पहुंचे जंतर-मंतर

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 17 जुलाई 2026

पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल अब राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख विषय बन गई है। बीते बीस दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने वांगचुक के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया। लगातार गिरती सेहत को देखते हुए अब विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का जंतर-मंतर पहुंचना जारी है, जिससे यह आंदोलन और अधिक चर्चा में आ गया है।मुलाकात के बाद पवन खेड़ा ने कहा कि सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य लगातार चिंता का विषय बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और सरकार का दायित्व है कि वह ऐसे आंदोलनों को गंभीरता से सुने। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी जनहित के मुद्दे का समाधान संवाद के माध्यम से निकाला जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने सोनम वांगचुक से अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की अपील भी की।

कांग्रेस ने सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

पवन खेड़ा के जंतर-मंतर पहुंचने से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. सी. वेणुगोपाल ने भी सामाजिक माध्यम पर सोनम वांगचुक के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दी थी। कांग्रेस का कहना है कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होना आवश्यक है। पार्टी ने आरोप लगाया कि व्यवस्था में पारदर्शिता और जिम्मेदारी की कमी के कारण युवाओं का विश्वास प्रभावित हुआ है। कांग्रेस ने सरकार से इन मामलों में ठोस कदम उठाने की मांग की है।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि किसी परीक्षा प्रणाली में लगातार अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं तो उनकी निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए। पार्टी का मानना है कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। कांग्रेस ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध को सम्मान मिलना चाहिए और सरकार को संवाद के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए।

कई राजनीतिक दल पहले ही जता चुके हैं समर्थन

सोनम वांगचुक के आंदोलन को कांग्रेस से पहले भी कई प्रमुख राजनीतिक दलों का समर्थन मिल चुका है। आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल जंतर-मंतर पहुंचकर उनसे मुलाकात कर चुके हैं। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव सहित अन्य नेताओं ने भी वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए उनके आंदोलन का समर्थन किया। शिवसेना के नेताओं ने भी इस मुद्दे पर अपनी एकजुटता दिखाई है।महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने भी सोनम वांगचुक की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि केवल एक परीक्षा ही नहीं बल्कि सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। लगातार बढ़ते राजनीतिक समर्थन के कारण यह आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा का विषय बन चुका है।

लगातार गिर रही है सोनम वांगचुक की सेहत

सोनम वांगचुक पिछले बीस दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर हैं। चिकित्सकों के अनुसार लंबे समय तक भोजन नहीं लेने के कारण उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। डॉक्टरों की टीम नियमित रूप से उनकी चिकित्सकीय जांच कर रही है और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उनके समर्थक भी सरकार से शीघ्र बातचीत कर समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं ताकि उनकी सेहत को किसी प्रकार का गंभीर खतरा न हो।इस बीच उनकी भूख हड़ताल को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय में भी एक याचिका दायर की गई है। न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। प्रशासन को समय-समय पर उनकी स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए भी कहा गया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में उनके स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।

मुख्य बिंदु

  • पवन खेड़ा ने जंतर-मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की।

  • सोनम वांगचुक पिछले बीस दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।

  • कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।

  • आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना पहले ही समर्थन जता चुके हैं।

  • दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।

  • विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थन से आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।