सरयू, राप्ती, कुआनो खतरे के निशान से पार:नेपाल में बारिश से गोरखपुर के 12 गांव बाढ़ से घिरे; प्रयागराज से मंगाई गई नावें

Sep 30, 2026 - 09:35
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सरयू, राप्ती, कुआनो खतरे के निशान से पार:नेपाल में बारिश से गोरखपुर के 12 गांव बाढ़ से घिरे; प्रयागराज से मंगाई गई नावें
नेपाल में लगातार हो रही बारिश से गोरखपुर में बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है। यहां की प्रमुख राप्ती व सरयू नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जबकि रोहिन नदी खतरे के निशान से 1 सेमी ही नीचे है। अभी कुछ दिनों तक पानी बढ़ सकता है। नदी की धारा काफी तेज है, जिससे लोगों को सतर्क किया गया है। अभी तक गोला, बांसगांव, चौरी चौरा के 12 गांव प्रभावित हैं। स्थिति और खराब होने की आशंका को देखते हुए प्रयागराज से 10 बड़ी नाव व 11 मोटर बोट मंगाई गई है। अभी और भी नावें मंगाई जाएंगी। इन नावों व मोटरबोट को बांसगांव, चौरी चौरा में भेजा गया है। बड़हलगंज की ओर से भी प्रयागराज से नावें मंगाकर भेजा जाएगा। नदी की धारा को देखते हुए छोटी नावों को मदद के लिए नहीं लगाया जाएगा। प्रशासन की ओर से सभी बाढ़ चौकियों को एलर्ट किया गया है। गोला, चौरी चौरा व बांसगांव तहसीलों में अभी खतरा बढ़ रहा है। जानिए कौन सी नदी किस स्थिति में है 30 सितंबर, बुधवार की सुबह 7 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक राप्ती नदी खतरे के निशान से 19 सेमी ऊपर बह रही है। नदी का जलस्तर 75.17 मीटर रिकार्ड किया गया है। सरयू नदी का जलस्तर अयोध्या में खतरे के निशान से 33 सेमी ऊपर है। जबकि बलिया जिले के तुर्तीपार के बीच यह जलस्तर खतरे के निशान से 69 सेमी ऊपर है। इस तरह बीच में पड़ने वाले गोरखपुर में भी जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 40 सेमी से ऊपर है। निचले क्षेत्रों में स्थिति कई गांवों के लोग सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। बात रोहिन नदी की करें तो इसका जलस्तर खतरे के निशान से 1 सेमी नीचे है लेकिन जल्द ही यह भी खतरे के बिन्दु को पार कर सकती है। इसके किनारे बसे गांवों के लोगों में दहशत है। कुआनो नदी खतरे के निशान से 1 मीटर 69 सेमी ऊपर है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि अभी बहुत खतरे वाली स्थिति नहीं है लेकिन पहले से ही सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने लोगों से नदियों के किनारे न जाने, स्नान न करने की अपील की है। ये गांव हैं प्रभावित अभी गोला तहसील के गांव ज्यादा प्रभावित हैं। इनमें बगहा, नेतवारपट्‌टी, मुहालजलकर, ज्ञानकोल, पटना मुस्तकिल, पटना एहतमाली, कोटिआ निरंजन, बेलवा तुरंत सिंह, कोलखास, जैतपुर, विहुआ मुस्तकिल, मैभरा लगभग 10 हजार लोग प्रभावित हैं बाढ़ के कारण अब तक लगभग 10 हजार लोग प्रभावित हैं। उनकी मदद के लिए 1 बड़ी व 12 मझौली नावें लगाई गई हैं। 1347 हेकटेयर कृषि क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित है। जबकि कुल 2985 हेक्टेयर क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हुआ है। जल्द ही अन्य तहसीलों में भी बाढ़ का प्रभाव पड़ेगा।

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