स्टर्लिंग होम्स निदेशकों पर शिकंजा, पांच नई FIR दर्ज:अलीगढ़ में एंटी फ्राड सेल से जांच के बाद तगड़ी कार्रवाई, पहले एक मुकदमा हो चुका था दर्ज; अब कुल छह FIR
अनूपशहर रोड स्थित स्टर्लिंग होम्स हाउसिंग प्रोजेक्ट में 20 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी के मामले में शुक्रवार रात पांच नई एफआईआर दर्ज की गईं। इससे पहले एक मुकदमा दर्ज हो चुका था। इस तरह अब तक सिविल लाइंस थाने में कुल छह एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। ताजा पांच मुकदमों में निवेशकों ने फ्लैट और दुकानों की बुकिंग के नाम पर लाखों रुपये लेने, परियोजना को एडीए से स्वीकृत और रेरा में पंजीकृत बताकर निवेश कराने तथा तय समय पर कब्जा नहीं देने के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि रकम वापस मांगने पर भी कोई समाधान नहीं किया गया। एसएसपी के निर्देश पर एंटी फ्रॉड सेल की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है।
पांच शिकायतें, लाखों रुपये फंसने का दावा
शाजिया नुसरत ने शिकायत में आरोप लगाया है कि फ्लैट और दुकानों की बुकिंग के नाम पर उनसे 73 लाख रुपये लिए गए। उन्हें वर्ष 2023 तक फ्लैट देने का भरोसा दिया गया था, लेकिन न कब्जा मिला और न रकम वापस की गई।
दोदपुर निवासी राहिम अली ने फेज-2 के फ्लैट नंबर 306 के लिए 12 लाख रुपये देने का दावा किया है। उनकी शिकायत के मुताबिक, ब्रोशर, होर्डिंग और ऑनलाइन विज्ञापनों में परियोजना को एडीए से स्वीकृत और रेरा में पंजीकृत बताया गया था। आरोप है कि तय समय बीतने के बाद भी फ्लैट नहीं मिला और रकम लौटाने के लिए कोई समाधान नहीं किया गया।
शोएब अली ने फेज-3 की यूनिट नंबर 61 के लिए 19 अगस्त 2025 को 12 लाख रुपये देने की बात कही है। उनका आरोप है कि परियोजना को स्वीकृत बताकर निवेश कराया गया, जबकि निर्माण एडीए से सील होने के बावजूद बुकिंग की जा रही थी। रकम वापस मांगने पर कार्यालय बंद मिला और संबंधित लोग उपलब्ध नहीं हुए।
मोहम्मद फुरकान ने फेज-3 में फ्लैट बुक कराने के लिए 15.25 लाख रुपये बैंकिंग माध्यम से देने का दावा किया है। उनकी शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कब्जा नहीं दिया गया और रकम वापस मांगने पर इनकार कर दिया गया। उन्होंने आवंटन पत्र और सेल डीड जारी करने के साथ स्टांप ड्यूटी व जीएसटी के नाम पर अतिरिक्त रकम वसूलने के आरोप भी लगाए हैं।
कबीर कॉलोनी निवासी मोहम्मद यूसुफ ने बताया कि उन्होंने 2 सितंबर 2023 को फेज-3 के फ्लैट नंबर 402 के लिए 25 लाख रुपये दिए थे। उन्हें दो साल में कब्जा देने का आश्वासन मिला था, लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी फ्लैट नहीं मिला। उनकी शिकायत में भी रकम वापस नहीं करने और निवेशकों से करोड़ों रुपये जुटाने का आरोप लगाया गया है।
एडीए की स्वीकृति और रेरा पंजीकरण पर सवाल
पांचों शिकायतों में स्टर्लिंग होम्स/मैसर्स क्वालिटी डेवलपर्स से जुड़ी परियोजना के प्रचार और बुकिंग पर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि ब्रोशर, होर्डिंग और ऑनलाइन विज्ञापनों के जरिए परियोजना को एडीए से स्वीकृत और रेरा में पंजीकृत बताया गया, जबकि जरूरी अनुमतियां नहीं थीं और एडीए निर्माण को सील कर चुका था। मोहम्मद फुरकान की शिकायत में नक्शे और एनओसी फर्जी होने का आरोप भी है।
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, निवेशकों ने फ्लैटों पर कब्जा या रकम वापस मांगी तो उन्हें निराशा हाथ लगी। कुछ शिकायतों में आवंटन पत्र और बिक्री विलेख जारी करने तथा स्टांप ड्यूटी और जीएसटी के नाम पर अतिरिक्त रकम लेने के आरोप भी लगाए गए हैं। निवेशकों का दावा है कि इसी तरह कई लोगों से 20 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाई गई। इस रकम की वास्तविक स्थिति की पुष्टि जांच और वित्तीय अभिलेखों से होनी बाकी है।
कमर खान समेत पांच लोग नामजद
पांचों एफआईआर में कमर खान, जेबा, अलीना, रफत सुलेमान और फराज जुबैरी को नामजद किया गया है। संबंधित मुकदमों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 336(3), 338 और 61(2) के तहत कार्रवाई की गई है। शिकायतकर्ताओं ने आरोपियों के बैंक खाते और संपत्तियां फ्रीज करने, लुकआउट सर्कुलर जारी कराने तथा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग से जांच कराने की मांग भी की है।
एंटी फ्रॉड सेल की जांच के बाद कार्रवाई
निवेशकों की लगातार मिल रही शिकायतों पर एसएसपी ने जिला पुलिस की एंटी फ्रॉड सेल से जांच कराई थी। जांच के बाद शुक्रवार रात पांच नई एफआईआर दर्ज की गईं। सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई हैं। शेष आरोपों की जांच जल्द पूरी की जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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