सुल्तानपुर जेल में बंद युवक का शव गांव पहुंचा:परिजनों ने अंतिम संस्कार से किया इनकार, जेल प्रशासन पर हत्या का लगाया आरोप
बाराबंकी के अमित यादव का शव बुधवार दोपहर उसके पैतृक गांव पहुंचा। शव पहुंचने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिवार ने जेल प्रशासन पर अमित की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए उसकी मौत को आत्महत्या मानने पर सवाल उठाए। परिजनों का आरोप है कि उन्हें शव ठीक से दिखाए बिना ही पंचायतनामा की कार्रवाई कराकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। अमित सुल्तानपुर जिला कारागार में बंद था। सुबह हुई थी फोन पर बात मामा अमरजीत ने बताया कि बुधवार सुबह उनकी अमित से फोन पर बात हुई थी। उस समय वह सामान्य था। इसके बाद रात करीब 9 बजे परिवार को सूचना मिली कि अमित ने सुल्तानपुर जेल में फांसी लगा ली है। अमित की मौत की सूचना के बाद से ही परिवार के लोग उसकी मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। 29 अगस्त को हुई थी गिरफ्तारी अमित को 29 अगस्त को एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 31 अगस्त को उसे सुल्तानपुर जिला कारागार भेजा गया था। परिजनों का कहना है कि जेल में बंद अमित की मौत की सूचना मिलने के बाद वे उसकी मौत के कारणों को लेकर संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि शव उन्हें नहीं दिखाया गया और पंचायतनामा की कार्रवाई के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। अंतिम संस्कार से इनकार, गांव में पुलिस तैनात शव गांव पहुंचने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। , लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। परिजनों की मांग है कि अमित की मौत की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि उसकी मौत के पीछे कोई जिम्मेदार है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। अमेठी से अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर भी परिवार और ग्रामीणों में नाराजगी है। स्थिति को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों की ओर से परिजनों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
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