सुल्तानपुर में टीचर पति-पत्नी की हत्या:स्कूल में पसरा मातम; 329 में से 150 बच्चे पहुंचे, छात्राएं बोलीं- सर को न्याय मिले
सुल्तानपुर में प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार सिंह और उनकी पत्नी विनीता सिंह की हत्या से विद्यालय परिवार सदमे में है। बुधवार को सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक स्कूल निर्धारित समय पर खुला, लेकिन सामान्य दिनों की तुलना में बच्चों की संख्या काफी कम रही। रजिस्टर्ड 329 छात्रों में करीब 150 बच्चे ही विद्यालय पहुंचे। कक्षा 8 की छात्रा तनु गुप्ता ने कहा कि मुकेश सर को न्याय मिलना चाहिए। मामला कंपोजिट विद्यालय खनुहट का है। बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देते थे मुकेश सर विद्यालय की छात्राएं संध्या, अनन्या यादव और प्रियांशी मिश्रा ने बताया कि मुकेश सर बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देते थे। गर्मी में बच्चों को परेशानी न हो, इसके लिए उन्होंने कमरों में पंखे लगवाए थे। छात्राओं ने कहा कि उनके साथ हुई घटना का जल्द खुलासा होना चाहिए। मिड-डे मील की गुणवत्ता पर भी रखते थे नजर सहायक अध्यापिका माया वर्मा और शिक्षामित्र भूमिका सिंह ने बताया कि मुकेश अपने काम को पूरी ईमानदारी से करते थे। बच्चों की पढ़ाई के साथ मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर भी उनकी नजर रहती थी। मानदेय में देरी पर भी शांतर हते थे रसोइया शिवकुमारी और शारदा देवी ने बताया कि मुकेश भोजन की गुणवत्ता को लेकर सजग रहते थे और जरूरी सामग्री पहले ही उपलब्ध करा देते थे।रसोइयों ने बताया कि मानदेय मिलने में देरी होने पर जब मुकेश से पूछा जाता था तो वह नाराज नहीं होते थे। वह हंसकर जानकारी कराने और भुगतान की बात कहते थे। बच्चों के लिए इनवर्टर और पंखों की व्यवस्था कराई अभिभावक राममूर्ति ने बताया कि उनकी नातिन शिवानी कक्षा 7 और नाती नैतिक कक्षा 4 में पढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी में बच्चों को परेशानी न हो, इसके लिए मुकेश ने विद्यालय में इनवर्टर लगवाकर कमरों में पंखों की व्यवस्था कराई थी। बच्चों के मन में घटना का डर बैठा कक्षा 4 के छात्र राज और कक्षा 3 के छात्र विराज की दादी सावित्री देवी ने बताया कि दोनों बच्चों का मुकेश सर से काफी लगाव था। घटना की जानकारी के बाद दोनों रोते हुए घर पहुंचे। राज ने शाम को खाना तक नहीं खाया। दादी के मुताबिक घटना के बाद बच्चों के मन में डर बैठ गया है और वे स्कूल जाने से भी कतरा रहे हैं। पुरुष सहकर्मी अंतिम संस्कार में गए, महिला स्टाफ ने संभाली कक्षाएं बुधवार को पुरुष सहकर्मी मुकेश कुमार सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए। वहीं महिला शिक्षक और कर्मचारी विद्यालय में बच्चों के शिक्षण कार्य में जुटे रहे। स्कूल में सहकर्मियों और बच्चों की आंखों में अपने शिक्षक को खोने का दर्द साफ दिखाई दिया।
अब जानिए पूरा मामला… 150 मीटर की दूरी पर पड़े थे पति-पत्नी के शव कुंभी डडिया गांव में मुकेश सिंह का पैतृक आवास है। पत्नी विनीता सिंह के साथ वह रहते थे। दोनों का इकलौता बेटा अभ्यदुय (20) दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहा है। विनीता गांव में ही घर से 1 किमी दूर मनरागी इंटर कॉलेज चलाती थीं। स्कूल में 17 शिक्षक और कर्मचारियों का स्टॉफ है। स्कूल में 550 बच्चे पढ़ाई करते हैं। गांव वालों ने बताया कि मुकेश और विनीता स्कूल परिसर के एक हिस्से में रहकर पैतृक आवास की देखरेख करते थे। मंगलवार सुबह करीब 6 बजकर 10 मिनट पर बस ड्राइवर और टीचर राकेश यादव चाबी लेने पहुंचा था। ऑफिस की तरफ जाते समय उसने कमरे में विनीता का शव पड़ा देखा। पास में खून से सना फावड़ा पड़ा था। ड्राइवर ने काम करने वाली सरिता और अपने दोस्त को जानकारी दी। आगे जाकर देखा तो विनीता के शव से 150 मीटर दूर मुकेश का शव पड़ा था। घटना की सूचना पर एसपी और सीओ मौके पर पहुंचे। मौके की जांच के बाद स्कूल परिसर में कुल्हाड़ी और चाकू भी बरामद हुआ। पुलिस ने बेटे और भाइयों को वारदात की सूचना दे दी है। बेटा दिल्ली से सुल्तानपुर के लिए रवाना हो चुका है। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। स्कूल स्टाफ और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। सितंबर 2025 में हुआ था खनुहट विद्यालय में तबादला कंपोजिट विद्यालय खनुहट आने से पहले मुकेश कुमार सिंह प्राथमिक विद्यालय अहदा में प्रधानाध्यापक थे। सितंबर 2025 में उनका तबादला कंपोजिट विद्यालय खनुहट में सहायक अध्यापक के पद पर हुआ था। करीब पांच महीने तक सहायक अध्यापक के रूप में काम करने के बाद 4 फरवरी 2026 को उन्हें विद्यालय का प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाया गया था। इसके बाद से वह विद्यालय का संचालन कर रहे थे।
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