ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लिए विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी जरूरी:मुख्य सचिव बोले भूमि, यूटिलिटी शिफ्टिंग और मंजूरियों की पहले करें तैयारी

Sep 29, 2026 - 18:13
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ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लिए विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी जरूरी:मुख्य सचिव बोले भूमि, यूटिलिटी शिफ्टिंग और मंजूरियों की पहले करें तैयारी
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने कहा कि उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी नेटवर्क का विस्तार जरूरी है। सड़क, रेलवे, एक्सप्रेसवे, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स हब और एयरपोर्ट जैसी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए निर्माण शुरू होने से पहले भूमि, डिजाइन, यूटिलिटी शिफ्टिंग और जरूरी मंजूरियों की तैयारी पूरी होनी चाहिए। मुख्य सचिव ने मंगलवार को अहिमामऊ स्थित राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (रूपाम) में ‘Accelerating Linear Infrastructure Projects: Good Practices and New Ideas’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय स्टेट लेवल वर्कशॉप का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की निगरानी केवल कुल भौतिक प्रगति या पूर्णता प्रतिशत के आधार पर न हो। यह भी देखा जाए कि किस स्थान पर भूमि, यूटिलिटी, पुल, कल्वर्ट, अतिक्रमण या पर्यावरणीय मंजूरी जैसी बाधाएं हैं। बड़े कॉरिडोर को छोटे और प्रबंधनीय निर्माण खंडों में बांटकर निगरानी की जाए। हर बाधा की जिम्मेदारी और डेडलाइन तय हो मुख्य सचिव ने कहा कि पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, रेलवे, बिजली, जल निगम, दूरसंचार, राजस्व, वन, पुलिस और शहरी निकायों जैसी कई एजेंसियां इन परियोजनाओं से जुड़ी होती हैं। आपसी समन्वय की कमी से काम प्रभावित होता है। इसके लिए इंटरफेस मैनेजमेंट सिस्टम बनाया जाए, जिसमें हर समस्या के लिए संबंधित एजेंसी, जिम्मेदार अधिकारी, स्थान और समयसीमा दर्ज हो। उन्होंने भूमि अधिग्रहण, यूटिलिटी शिफ्टिंग और ट्री कटिंग के लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए। कहा कि संभावित बाधाओं की पहचान पहले ही कर ली जाए, ताकि निर्माण शुरू होने के बाद काम रुकने की स्थिति न आए। सिर्फ किलोमीटर बढ़ाना लक्ष्य नहीं एसपी गोयल ने कहा कि प्रदेश में एक्सप्रेसवे, हाईवे और रेलवे नेटवर्क औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक्स, शहरीकरण और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की आधारशिला बन रहे हैं। लक्ष्य केवल सड़क या रेल नेटवर्क के किलोमीटर बढ़ाना नहीं, बल्कि औद्योगिक क्लस्टरों, शहरों, बाजारों, लॉजिस्टिक्स हब, एयरपोर्ट और रेलवे के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी स्थापित करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतर पूर्व-तैयारी, समयबद्ध समन्वय और सक्रिय बाधा समाधान से परियोजनाओं की गति बढ़ाई जा सकती है। साथ ही गुणवत्ता, सुरक्षा, जोखिम और अनुबंध प्रबंधन पर भी बराबर ध्यान देना होगा। कार्यशाला में प्रमुख सचिव लोक निर्माण अजय चौहान, रूपाम के निदेशक संजय कुमार, सचिव दिव्य प्रकाश गिरी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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