उद्योगों को CPCB तक OCEMS डेटा भेजना अनिवार्य:नहीं तो मिलेगा नोटिस, 30 सितंबर तक देनी होगी रिपोर्ट; कच्चा माल खुले में न रखें

Sep 26, 2026 - 18:27
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उद्योगों को CPCB तक OCEMS डेटा भेजना अनिवार्य:नहीं तो मिलेगा नोटिस, 30 सितंबर तक देनी होगी रिपोर्ट; कच्चा माल खुले में न रखें
शामली में शनिवार शाम 5 बजे उद्योगों के लिए वायु प्रदूषण नियंत्रण और ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) को लेकर कार्यशाला हुई। यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) शामली की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उद्योग प्रतिनिधियों को पर्यावरणीय नियमों और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की जानकारी दी गई। OCEMS का 85% डेटा CPCB पोर्टल पर भेजना होगा अधिकारियों ने बताया कि उद्योगों को अपने ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (OCEMS) का कम से कम 85 प्रतिशत डेटा CPCB पोर्टल पर भेजना होगा। सिर्फ उपकरण लगाना पर्याप्त नहीं है, डेटा ट्रांसमिशन लगातार होना चाहिए। उद्योग चालू हो या बंद, सिस्टम से निर्धारित डेटा भेजना जरूरी है। डेटा नहीं आने पर जांच और नोटिस की कार्रवाई जिन उद्योगों से OCEMS डेटा नहीं आ रहा है, उनकी जांच कर नोटिस दिए जाएंगे। तकनीकी खराबी होने पर मेंटेनेंस का रिकॉर्ड रखना होगा। इसमें खराबी की तारीख और मरम्मत की जानकारी दर्ज करनी होगी। उद्योगों को 30 सितंबर तक अपने सिस्टम की रिपोर्ट देनी होगी। प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों को मानकों के अनुसार अपग्रेड करें कार्यशाला में प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की क्षमता की जांच और जरूरत के अनुसार उन्हें अपग्रेड करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि जिन उद्योगों के मौजूदा सिस्टम निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं, उन्हें इसकी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। मानक पूरे नहीं करने वाले उद्योगों को प्रस्तावित तकनीकी समाधान और लगाए जाने वाले उपकरण की जानकारी देनी होगी। कच्चा और तैयार माल खुले में न रखें धूल से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए उद्योग परिसरों में कच्चे माल और तैयार उत्पादों को ढककर रखने के निर्देश दिए गए। धूल उड़ने वाले पदार्थों को तिरपाल, पॉलिथीन या अन्य उपयुक्त कवर से ढकने को कहा गया। उद्योग परिसर की सड़कों की नियमित मेंटेनेंस और वाहनों की आवाजाही के दौरान धूल नियंत्रण के उपाय करने के निर्देश दिए गए। लोडिंग-अनलोडिंग और कन्वेयर पर भी निगरानी अधिकारियों ने लोडिंग-अनलोडिंग प्वाइंट, कन्वेयर बेल्ट, सड़क और वाहन मूवमेंट वाले स्थानों पर विशेष ध्यान देने को कहा। हैजार्डस मैटेरियल की सुरक्षित स्टोरेज, पहचान और हैंडलिंग के बारे में भी जानकारी दी गई। DG सेट में RECD और स्टैक के नियम बताए DG सेट से होने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए Retrofit Emission Control Device (RECD) समेत निर्धारित तकनीकी उपायों की जानकारी दी गई। नए DG सेट खरीदते समय निर्धारित मानकों के अनुरूप उपकरण लेने और पुराने DG सेट में जरूरत के अनुसार स्वीकृत रेट्रोफिटेड उत्सर्जन नियंत्रण उपकरण लगाने की सलाह दी गई। 800 KVA से अधिक क्षमता वाले DG सेट के लिए स्टैक और चिमनी संबंधी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। आसपास ऊंची इमारत, स्कूल या अन्य संरचना होने पर निर्धारित नियमों के अनुसार स्टैक की ऊंचाई सुनिश्चित करने को कहा गया। निरीक्षण का इंतजार नहीं, रिकॉर्ड पहले से रखें तैयार वक्ताओं ने उद्योग संचालकों से कहा कि किसी निरीक्षण या कार्रवाई का इंतजार करने के बजाय पहले से अनुपालन की तैयारी रखें। प्रदूषण नियंत्रण, APCD, कंप्लायंस एवं ऑनलाइन मॉनिटरिंग और ऑपरेटिंग रिकॉर्ड के व्यवस्थित रखरखाव पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि सभी ऑपरेटिंग और प्रदूषण नियंत्रण संबंधी रिकॉर्ड अपडेट रहने चाहिए, ताकि CPCB, CAG या थर्ड पार्टी निरीक्षण के दौरान दस्तावेज उपलब्ध कराने में परेशानी न हो। उद्योग प्रतिनिधियों ने कैंप लगाकर NOC रिन्यू कराने की मांग की कार्यशाला का उद्देश्य उद्योगों और सरकारी विभागों के बीच संवाद बढ़ाना और पर्यावरणीय नियमों को लेकर आने वाली शंकाओं का समाधान करना बताया गया। IIA चैप्टर शामली के अध्यक्ष विशाल गुप्ता ने कार्यशाला आयोजित करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का धन्यवाद किया। उन्होंने उद्योगों के NOC रिन्यू कराने के लिए कैंप लगाने की मांग भी रखी। आगे भी लगातार संवाद का भरोसा समापन पर वक्ताओं ने कहा कि उद्योगों के साथ इंटरैक्शन, कम्युनिकेशन और एजुकेशन के जरिए लगातार संवाद बनाए रखा जाएगा। नियमों, तकनीकी व्यवस्था या अनुपालन को लेकर समस्या होने पर उद्योग प्रतिनिधि संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। आगे भी ऐसी कार्यशालाएं आयोजित करने की बात कही गई। IIA समेत कई औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद कार्यशाला में IIA चैप्टर शामली के चेयरमैन विशाल गुप्ता, सीनियर वाइस चेयरमैन सुधीर कुमार, वाइस चेयरमैन भारत मित्तल, जनरल सेक्रेटरी तुषार कुच्छल समेत IIA, लघु उद्योग भारती, SIEMA, होटल, अस्पताल और अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान सुधीर धीमान, अशोक मित्तल, आशीष जैन, आयुष बंसल, आलोक जैन, अंकित गोयल, वेद प्रकाश आर्य, निर्मल जैन, अनुज गर्ग, वैभव सिंह समेत बड़ी संख्या में उद्यमी मौजूद रहे।

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