यूपी में एच1एन1 को लेकर अलर्ट, ब्रजेश पाठक ने की समीक्षा बैठक
उत्तर प्रदेश में एच1एन1 इन्फ्लुएंजा और मौसमी बुखार के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया गया है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर मरीजों की पहचान, जांच और उपचार को लेकर निर्देश दिए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और लखनऊ में बुखार के बढ़ते मामलों पर विशेष निगरानी की जा रही है। सरकार ने दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता का दावा करते हुए लोगों से घबराने की अपील की है।
दि राइजिंग न्यूज | लखनऊ | 29 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश में एच1एन1 इन्फ्लुएंजा और मौसमी बुखार के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। शनिवार सुबह उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ स्थित स्वास्थ्य भवन में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों और चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने वीडियो संपर्क के माध्यम से हिस्सा लिया। बैठक में बीमारी की स्थिति और स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।ब्रजेश पाठक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एच1एन1 और मौसमी बुखार से जुड़े मामलों पर विशेष निगरानी रखी जाए। किसी भी जिले में संदिग्ध या संक्रमित मरीज मिलने पर उसकी सही तरीके से पहचान और निगरानी सुनिश्चित की जाए। मरीजों की जांच में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाए और जरूरत के अनुसार उपचार उपलब्ध कराया जाए। सरकार ने अधिकारियों को हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और लखनऊ में बढ़े बुखार के मामले
ब्रजेश पाठक ने बताया कि प्रदेश के कुछ हिस्सों में बुखार के मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली है। खास तौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और लखनऊ में बुखार के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग विशेष निगरानी कर रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि ऐसे मरीजों की पहचान कर उनकी स्थिति पर नजर रखी जाए। जरूरत पड़ने पर मरीजों की जांच कराकर समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए।स्वास्थ्य विभाग का ध्यान उन क्षेत्रों पर भी है जहां अचानक बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अधिकारियों से कहा गया है कि स्थानीय स्तर पर स्थिति की लगातार समीक्षा की जाए। किसी भी तरह की असामान्य वृद्धि सामने आने पर तत्काल उच्च अधिकारियों को जानकारी दी जाए। इससे बीमारी के प्रसार को समय रहते नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
सभी जिलों के अधिकारियों को दिए गए निर्देश
समीक्षा बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों को एच1एन1 को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और चिकित्सा महाविद्यालयों के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता की समीक्षा करने को कहा गया। संदिग्ध मरीजों की जांच और उपचार की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को किसी भी स्थिति में लापरवाही नहीं बरतने के लिए कहा गया है।ब्रजेश पाठक ने अधिकारियों से कहा कि मरीजों की पहचान और निगरानी की व्यवस्था मजबूत रखी जाए। यदि किसी क्षेत्र में मामलों की संख्या बढ़ती है तो वहां आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। अस्पतालों में जरूरी दवाओं और उपचार से जुड़ी व्यवस्थाओं को पर्याप्त रखने पर भी जोर दिया गया। सरकार का कहना है कि प्रदेश किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
जांच के लिए अधिक शुल्क वसूला तो होगी कार्रवाई
बैठक के दौरान निजी जांच केंद्रों और प्रयोगशाला संचालकों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। ब्रजेश पाठक ने स्पष्ट किया कि जांच के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक राशि किसी मरीज से नहीं ली जानी चाहिए। यदि किसी जांच केंद्र पर तय शुल्क से अधिक वसूली की शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को इस संबंध में निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बीमारी की जांच कराने वाले मरीजों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। एच1एन1 की आशंका वाले मरीजों को समय पर जांच और उचित उपचार मिलना जरूरी है। इसलिए जांच प्रक्रिया को पारदर्शी रखने पर जोर दिया गया है। अधिकारियों को शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता का दावा
ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश में जरूरी दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि एच1एन1 और मौसमी बुखार को लेकर अनावश्यक घबराने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और जरूरत के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। जिन क्षेत्रों में बुखार के मरीजों की संख्या अधिक है, वहां विशेष निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों को मरीजों की पहचान, जांच और उपचार की व्यवस्था को मजबूत रखने को कहा गया है। दवाओं की उपलब्धता में किसी तरह की कमी नहीं होने देने पर भी जोर दिया गया है।
अधिकारियों की छुट्टी को लेकर भी दिए निर्देश
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की उपलब्धता को लेकर भी निर्देश दिए गए। ब्रजेश पाठक ने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी के प्रति विशेष रूप से सतर्क रहना होगा। आवश्यक परिस्थितियों में संबंधित अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। शासन की स्वीकृति के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों को अवकाश दिए जाने की बात कही गई है।बीमारी से जुड़ी स्थिति पर नजर रखने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की सक्रिय भूमिका जरूरी है। किसी भी जिले में मामले बढ़ने पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता हो सकती है। ऐसे में अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी तरह सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सरकार ने लोगों से घबराने से किया इनकार
ब्रजेश पाठक ने लोगों से अपील की है कि एच1एन1 को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरे प्रदेश में स्थिति पर नजर रख रहा है और जरूरी दवाओं की उपलब्धता बनी हुई है। संदिग्ध मरीजों की पहचान और जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का दावा है कि स्वास्थ्य विभाग किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है।स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिलों को सतर्क रखने के साथ-साथ अस्पतालों में आवश्यक तैयारियां बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों को बीमारी से जुड़े मामलों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी क्षेत्र में मरीजों की संख्या बढ़ने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। इससे बीमारी के संभावित प्रसार को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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