ओवैसी ने मिर्जा रहमत बेग को पार्टी से निकाला

एआईएमआईएम ने तेलंगाना के विधान परिषद सदस्य मिर्जा रहमत बेग को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पार्टी ने उन्हें विधान परिषद से भी तुरंत इस्तीफा देने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई बेग की ओर से साइबर अपराध पुलिस में कथित जबरन वसूली और आपत्तिजनक सामग्री के जरिए धमकी की शिकायत दर्ज कराने के बाद हुई। पार्टी ने निष्कासन की आधिकारिक वजह नहीं बताई है, जबकि सूत्रों ने अनुशासनहीनता का संकेत दिया है।

Aug 29, 2026 - 11:07
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ओवैसी ने मिर्जा रहमत बेग को पार्टी से निकाला

दि राइजिंग न्यूज | हैदराबाद | 29 अगस्त 2026

तेलंगाना की राजनीति में शनिवार को उस समय हलचल बढ़ गई, जब ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने अपने विधान परिषद सदस्य मिर्जा रहमत बेग को पार्टी से बाहर कर दिया। पार्टी ने बेग को तत्काल प्रभाव से निष्कासित करने के साथ ही विधान परिषद की सदस्यता से भी इस्तीफा देने का निर्देश दिया है। पार्टी की ओर से जारी बयान में निष्कासन का कारण स्पष्ट नहीं किया गया। इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।मिर्जा रहमत बेग हैदराबाद स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य हैं। उन्हें वर्ष 2023 में तेलंगाना विधान परिषद के लिए चुना गया था। पार्टी की ओर से कार्रवाई किए जाने के बाद अब उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, बेग की ओर से इस मामले में अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

पार्टी ने निष्कासन का कारण नहीं बताया

एआईएमआईएम की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि मिर्जा रहमत बेग को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया गया है। इसके साथ ही उन्हें विधान परिषद के सभापति को अपना इस्तीफा तुरंत सौंपने का निर्देश दिया गया है। हालांकि पार्टी ने अपने बयान में यह नहीं बताया कि बेग के खिलाफ यह अनुशासनात्मक कार्रवाई किस वजह से की गई। कारण स्पष्ट नहीं होने के कारण राजनीतिक स्तर पर इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।पार्टी के आधिकारिक रुख और सामने आ रही चर्चाओं में अंतर भी दिखाई दे रहा है। पार्टी ने निष्कासन की घोषणा तो की है, लेकिन इसके पीछे की पूरी वजह सार्वजनिक नहीं की गई। दूसरी ओर, पार्टी से जुड़े सूत्रों ने कथित अनुशासनहीनता की ओर संकेत किया है। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

साइबर अपराध पुलिस में बेग ने दर्ज कराई थी शिकायत

मिर्जा रहमत बेग ने पार्टी से निष्कासन से कुछ समय पहले साइबर अपराध पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत के अनुसार, कुछ अज्ञात लोग इंटरनेट आधारित फोन के जरिए उनसे कथित तौर पर पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहे थे। बेग ने आरोप लगाया था कि पैसे नहीं देने पर उन्हें बदनाम करने की धमकी दी गई। इस मामले में कथित आपत्तिजनक वीडियो और बदली हुई तस्वीरों के प्रसार की धमकी दिए जाने की बात भी शिकायत में कही गई थी।बेग के अनुसार, कथित लोगों ने उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाने के साथ उनकी प्रतिष्ठा खराब करने की धमकी दी थी। उन्होंने मामले की जानकारी साइबर अपराध पुलिस को दी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

आपत्तिजनक वीडियो और बदली तस्वीरों का विवाद

इस पूरे मामले में आपत्तिजनक रूप से तैयार किए गए वीडियो और बदली हुई तस्वीरों का उल्लेख सामने आया है। शिकायत के मुताबिक, अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर ऐसी सामग्री का इस्तेमाल करके बेग पर दबाव बनाने की कोशिश की। उन्हें धमकी दी गई कि यदि वह पैसे देने के लिए तैयार नहीं हुए तो ऐसी सामग्री प्रसारित कर उनकी छवि खराब की जा सकती है। साइबर अपराध पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।कुछ अन्य रिपोर्टों में यह दावा भी किया गया है कि बेग का पार्टी से निष्कासन कथित वीडियो प्रसारित होने से जुड़े विवाद से संबंधित हो सकता है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। एआईएमआईएम नेतृत्व ने भी आधिकारिक रूप से यह नहीं कहा है कि बेग के निष्कासन का संबंध इसी विवाद से है। इसलिए फिलहाल दोनों घटनाओं के बीच सीधा संबंध स्थापित करना जल्दबाजी होगी।

पार्टी सूत्रों ने अनुशासनहीनता का दिया संकेत

एआईएमआईएम के आधिकारिक बयान में निष्कासन की वजह नहीं बताई गई है, लेकिन पार्टी से जुड़े सूत्रों ने अनुशासनहीनता की ओर संकेत किया है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व ने मामले को गंभीरता से लिया और इसके बाद बेग के खिलाफ कार्रवाई का फैसला किया। हालांकि अनुशासनहीनता से संबंधित आरोपों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। बेग की ओर से भी इन आरोपों पर अभी कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है।पार्टी नेतृत्व के इस फैसले को संगठनात्मक स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। किसी मौजूदा विधान परिषद सदस्य को पार्टी से तत्काल प्रभाव से बाहर करने और सदस्यता से इस्तीफा मांगने का फैसला सामान्य राजनीतिक कार्रवाई नहीं माना जाता। ऐसे में इस घटनाक्रम को लेकर आगे और जानकारी सामने आने का इंतजार किया जा रहा है। बेग की ओर से प्रतिक्रिया आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

शिकायत और निष्कासन के समय को लेकर सवाल

मिर्जा रहमत बेग की साइबर अपराध पुलिस में शिकायत और उसके तुरंत बाद पार्टी से निष्कासन की कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों घटनाओं के बीच समय का अंतर कम होने के कारण राजनीतिक हलकों में संभावित संबंध को लेकर चर्चा हो रही है। हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है जो दोनों घटनाओं को सीधे तौर पर जोड़ती हो। इसलिए इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।ने केवल बेग के निष्कासन और उनसे विधान परिषद से इस्तीफा देने की मांग की जानकारी दी है। पार्टी ने यह नहीं बताया कि कार्रवाई का आधार क्या रहा। दूसरी ओर, साइबर अपराध मामले में पुलिस की जांच अलग से चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

विधान परिषद की सीट पर भी पड़ सकता है असर

मिर्जा रहमत बेग से विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देने को कहे जाने के बाद अब उनकी सीट को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। यदि बेग पार्टी के निर्देश के अनुसार इस्तीफा देते हैं, तो विधान परिषद में एक सीट रिक्त हो सकती है। इसके बाद नियमानुसार उस सीट को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। इस घटनाक्रम का तेलंगाना की राजनीति पर भी असर पड़ने की संभावना है।विधान परिषद में किसी सदस्य के इस्तीफे या पद से हटने की स्थिति में संबंधित संवैधानिक और निर्वाचन प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई होती है। ऐसे में बेग के अगले कदम पर सभी की नजर रहेगी। फिलहाल उन्होंने पार्टी के निर्देश पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उनके फैसले से आगे की राजनीतिक स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो सकती है।

वर्ष 2023 में चुने गए थे विधान परिषद सदस्य

मिर्जा रहमत बेग को वर्ष 2023 में तेलंगाना विधान परिषद के लिए चुना गया था। वह हैदराबाद स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। एआईएमआईएम से जुड़े नेता के रूप में उन्होंने विधान परिषद में अपनी भूमिका निभाई। अब पार्टी से निष्कासन के बाद उनके राजनीतिक सफर को लेकर नया मोड़ सामने आया है।फिलहाल बेग की ओर से पार्टी के फैसले या साइबर अपराध शिकायत से संबंधित कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए उनके अगले कदम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पार्टी की कार्रवाई के बाद तेलंगाना की राजनीति में इस घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं। आने वाले दिनों में मामले से जुड़ी जांच और राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रहेगी।

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