उरई में राजकीय पेंशनर्स का धरना:जिलाध्यक्ष बोले- पेंशन पुनरीक्षण की मांग भेजें सरकार, जल्द जारी हो आदेश
जालौन के उरई में राजकीय पेंशनर्स की 12 सूत्रीय मांगों को लेकर सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश की ओर से मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया गया। ऑल इंडिया राज्य पेंशनर्स फेडरेशन और संगठन के आह्वान पर आयोजित धरना सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक चला। धरना सभा की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष हरगोविंद दयाल श्रीवास्तव ने की, जबकि संचालन जिला प्रवक्ता योगगुरु डॉ. राम प्रकाश द्विवेदी ने किया। धरना समाप्त होने के बाद संगठन पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। वक्ताओं ने पुराने पेंशनर्स को आठवें वेतन आयोग के दायरे में लाकर पेंशन पुनरीक्षण करने की मांग की। इसके अलावा पुरानी पेंशन व्यवस्था (ओपीएस) बहाल करने, कोरोना काल के 18 माह के लंबित डीए/डीआर एरियर का भुगतान करने और वरिष्ठ नागरिकों को रेल व बस किराये में 50 प्रतिशत छूट देने की मांग उठाई गई। पेंशनर्स ने आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस उपचार की सीमा पांच लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपए करने और महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल वेतन या पेंशन में मर्ज करने की मांग भी रखी। वरिष्ठ नागरिक आयोग के गठन की मांग भी की गई। जिलाध्यक्ष हरगोविंद दयाल श्रीवास्तव ने कहा कि पेंशन पुनरीक्षण की मांग को आठवें वेतन आयोग के समक्ष भेजने के संबंध में सरकार को जल्द आदेश जारी करना चाहिए। इस दौरान संरक्षक लखन लाल अहिरवार, कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अंगद सिंह राजावत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मानसिंह राजपूत, जिला मंत्री रामेश्वर दयाल कुशवाहा, कोषाध्यक्ष मंगल सिंह निरंजन, संगठन मंत्री राजेश कुलश्रेष्ठ, उपाध्यक्ष रमेश कुमार सक्सेना समेत संगठन पदाधिकारी और विभिन्न तहसील इकाइयों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। धरना सभा में बड़ी संख्या में पेंशनर्स शामिल हुए।
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